रायपुर। रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का 93 वर्ष की आयु में बुधवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन की खबर से रायपुर सहित पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त है। रजनी ताई उपासने ने 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शारदा चरण तिवारी को हराकर रायपुर सीट अपने नाम की थी।
राजनीति में आने से पहले रजनी ताई भारतीय जनसंघ से जुड़ी सक्रिय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने कई आंदोलनों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। खासकर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दों पर वे हमेशा मुखर रहीं। विधायक बनने के बाद भी उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण और जनहितैषी नेता के रूप में रही। रायपुर जैसे बड़े शहर की राजनीति में आज तक केवल एक ही बार महिला विधायक बनने का गौरव रजनी ताई उपासने को ही मिला है। 46 वर्ष की उम्र में विधायक बनने वाली रजनी ताई ने अपने कार्यकाल में जनता के बीच गहरी छाप छोड़ी। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और समर्पण ने उन्हें जनता का प्रिय बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रजनी ताई केवल एक विधायक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महिलाओं को राजनीति में आगे बढऩे की राह भी दिखाई। उनके निधन से छत्तीसगढ़ की राजनीति ने एक प्रेरणास्रोत नेता खो दिया है।
वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने रजनी ताई उपासने के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनके निधन को छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक धरोहर के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दु:ख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर की पहली महिला विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता व लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने की माताजी श्रीमती रजनी ताई उपासने के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनसेवा और समाज हित के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इस दु:ख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवारजनों के साथ हैं। साय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की है।