नई दिल्ली / कोरोना काल में नौकरी गंवा चुके लोगों को मोदी सरकार तीन महीने तक वेतन का 50 फीसद के रूप में बेरोजगारी भत्ता दे रही है। इस योजना का फायदा केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो ईएसआई स्कीम के साथ कम से कम दो सालों से जुड़े हैं। भत्ते के दावा का निपटान 15 दिन के भीतर होगा। यह आश्वासन केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी लाभ के दावा का आवेदन करने के 15
ईएसआईसी से जुड़े कर्मचारी बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के किसी भी शाखा में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद ईएसआईसी द्वारा आवेदन की पुष्टि की जाएगी। सही आवदेन होने के बाद कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद योग्य पाए गए कर्मचारी के खाते में रकम जमा कर दी जाएगी। कर्मचारियों के अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड उपलब्ध करवाना होगा। ईएसआईसी श्रम मंत्रालय के तहत आने वाला एक संगठन है जो 21,000 रुपये तक के कर्मचारियों को ईएसआईसी योजना के तहत बीमा प्रदान कराती है। यानी, जिन कामगारों की सैलरी 21000 रुपये प्रति महीना थी उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। ईएसआई के तहत देश की करीब 3.5 करोड़ परिवार शामिल हैं, जिसके कारण करीब 13.5 करोड़ लोगों को नकदी और स्वास्थ्य कवर का लाभ मिलता है। सीएमआईई की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना के कारण लॉकडाउन लगाए जाने के बाद अप्रैल से अब तक भारत में 1.8 करोड़ से अधिक वेतनभोगी कर्मचारियों अपनी नौकरी गंवा बैठे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में पचास लाख नौकरियों को फिर से चली गईं और वेतनभोगी कर्मचारियों की दुर्दशा लॉकडाउन शुरू होने के बाद से खराब ही होती रही हैं।