
* 72 प्रतिशत काम हमने किया था आपने सिर्फ 7 प्रतिशत ही किया है: भूपेश

* हमने 10 लाख कनेक्शन दिए: अरुण साव
रायपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जलजीवन मिशन के तहत लक्ष्य से कम उपलब्धि पर सरकार को घेरते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में सवाल खड़ा किया कि हमारी सरकार ने 80 लाख के लक्ष्य का 72 प्रतिशत काम किया था। आपने अपने कार्यकाल में सिर्फ 7 प्रतिशत ही किया है। हमने दो साल में 21 लाख कनेक्शन दिए। आपने अपने 20 माह के कार्यकाल में मात्र 10 लाख ही क्यों लगाए। आप इस योजना के साथ कर क्या रहे हैं ? मंत्री ने कहा आपने जो काम अधूरा छोड़ा था हम पूरा कर रहे हैं। अनेक बार प्रश्न दोहराए जाने के बाद भी मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्य सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन कर गए।
भूपेश बघेल ने अपने प्रश्न में पूछा था कि पिछले तीन सालों में जलजीवन मिशन के लिए कितनी राशि खर्च की गई। कितने घरों के लोगों को यह सुविधा प्राप्त हुई। 22-23 और 23-24 की अपेक्षा 24-25 की तुलना की जाए तो पिछली सरकार के समय ज्यादा काम हुआ है। इसका कारण क्या है ?लक्ष्य से बहुत कम क्यों रहा कारण क्या ?मंत्री अरुण साव ने जवाब में कहा कि अब तक 15045 करोड़ की राशि का 45 प्रतिशत खर्च हुआ है। योजना 2024में पूरी हुई थी। उसके बाद हम काम कर रहे हैं। हमारी सरकार बनने के बाद लोगों को पानी पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है। 31 लाख घरों में पानी नल द्वारा पहुंचाया गया है। आपने अपने समय दो साल देरी से काम शुरू किया था। भूपेश बघेल ने कहा इसमें से 21 लाख कनेक्शन तो हमारे समय में दिए थे। आपने तो 10 लाख ही दिए हैं। इसे अपनी उपलब्धि क्यों बता रहे हैं। कहा कि कुछ जिलों में राशि क्यों कम दिख रही है। इसके बारे में तो आपने बताया नहीं। मंत्री साव ने कहा कि केंद्र सरकार के पोर्टल में 36 लाख घरों में पानी आना बताया गया है। जबकि हमने जब परीक्षण कराया तब मात्र 21 लाख घरों तक ही पानी पहुंच रहा था। शेष 15 लाख घरों में नल लग गया था लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के सदस्य गलत बयानी का आरोप लगाते हुए , जम कर हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इसे इस तरह बाधित नहीं करना चाहिए। भूपेश ने कहा कि जलजीवन मिशन को आप लोगों ने असफल कर के रख दिया है। विपक्ष ने सरकार पर आंकड़ों का खेल करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन कर दिया।
