वन मण्डलाधिकारी  अमिताभ बाजपेयी ने बताया कि संग्रहण वर्ष 2018 में जिले की 26 समितियों में कुल 28394.805 मानक बोर का संग्रहण हुआ था, जिसके विरूद्ध 5.44 करोड़ रूपए की राशि का अंतरण किया गया। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक राशि प्राप्त करने वालों में ग्राम जबर्रा की समिति के चारगांव निवासी  कोमल नारायण गोंड़ को 29 हजार 672 रूपए, इसी समिति के ग्राम मटियाबाहरा निवासी राधेश्याम गोंड़ को 26 हजार 648 रूपए तथा दुगली समिति के ग्राम दिनकरपुर की संग्राहक धनई बाई के खाते में 19 हजार 103 रूपए जमा किए जा चुके हैं। डीएफओ ने बताया कि जिले में 26 समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जाता है जिसमें अछोटा, मोंगरागहन, छुही, चनागांव, बरबांधा, मोहंदी, पठार, बिरझुली, खड़मा, सिंगपुर, मारागांव, डोकाल, दुगली, जबर्रा, नगरी, अमाली, राजपुर, निर्राबेड़ा, तुमरीबहार, गेदरा, गट्टासिल्ली, घोटगांव, सेमरा, रतावा, बेलरगांव तथा बोरई समिति शामिल हैं।
विदित हो कि मुख्यमंत्री के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तेंदूपत्ता बोनस राशि का संग्राहकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरण का शुभारम्भ आज सुबह किया गया। कलेक्टोरेट के स्वान कक्ष में डीएफओ सहित समिति के संचालक मण्डल के अध्यक्ष अकबर कश्यप, उपाध्यक्ष नेमिन बाई तथा संघ प्रतिनिधि  सोमनाथ सोम एवं उप प्रबंध संचालक एफआर कोसरिया उपस्थित थे।