श्री सिंहदेव ने ‘हमर ग्रामसभा’ में बताया कि पेसा कानून के लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों के अधिकारों को कारगर ढंग से स्थापित करने में मदद मिलेगी। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने विकास की प्राथमिकताएं स्वयं तय कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पेसा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने नियम बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इसके सभी भागीदारों से चर्चा की जा रही है। राज्य के सभी 85 अनुसूचित विकासखंडों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, आदिवासी समाज के संगठनों और पेसा व वनाधिकार कानूनों पर अमल के लिए काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों से इस पर रायशुमारी की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने कार्यक्रम में पेसा के महत्व तथा पांचवीं अनुसूची के उपबंधों के बारे मे भी विस्तार से जानकारी दी।