कृष्ण भक्ति में लीन कमलनाथ पर तंज कसते ‘कैलाश’और ‘नरोत्तम’

0 अरुण पटेल
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भगवान कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर अपने शासकीय निवास में पूरे विधि विधान और आस्था से पूजा कर कृष्ण भक्ति में लीन रहे। यह आयोजन उनका निजी है। इससे पूर्व अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण कार्य के भूमि पूजन के आयोजन की पूर्व बेला में 4 अगस्त को अपने निवास के साथ ही प्रदेश भर में कांग्रेसजनों से हनुमान चालीसा का पाठ करवा चुके हैं। 5 अगस्त को शाम प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर रोशनी की गई और राम दरबार सजा कर विधिवत पूजा अर्चना कमलनाथ की मौजूदगी में हुई थी। श्रीराम का एक बड़ा कटआउट भी प्रदेश कार्यालय पर लगाया गया था। अब जन्माष्टमी के अवसर पर उन्होंने जो निजी आयोजन अपने निवास पर किया है उसमें सपरिवार पूजा करेंगे उस पर भी भाजपा नेताओं ने तंज कसा है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भगवान के प्रति इस उम्र में कमलनाथ का अनुराग जागा है यह अच्छी बात है। विजयवर्गीय ने कहा कि उनका यह जीवन अच्छा निकल गया और इससे उनका अगला जन्म भी अच्छा निकलेगा। कमलनाथ ने इस जीवन में पांच सितारा सुविधाएं अच्छी तरह से भोगी हैं और उम्र के इस ढलान पर ईश्‍वर के प्रति प्रेम जागा है इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं। कांग्रेस नेता कमलनाथ के उदार( साफ्ट) हिंदुत्व के मार्ग पर चलने पर तंज कसते हुए प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि कुछ लोग हालात देखकर बाजार लगाते हैं। डॉ. मिश्रा का कहना है कि कभी सुंदरकांड करते हैं कभी जन्माष्टमी मनाते हैं। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि जब भी समाज में धार्मिकता पनपती है और लोग आध्यात्मिकता में हिलोरें लेते हैं। जब-जब सद्विचार की प्रवृतियां बढ़ती हैं तब-तब जो ढोंग और आडंबर में विश्‍वास करते हैं उनके पेट में मरोड़ उठती है, तकलीफ होती है, ऐसे लोग बाधाएं उत्पन्न करते हैं। गुप्ता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें लगता है जैसे कोई उनका ठेका छीन रहा है। उन्होंने छाती से भगवान को चिपका रखा था उसे कोई छीन रहा है। उनके द्वारा जो आडंबर किया जाता है वह निंदनीय है।
उल्लेखनीय है कि कमलनाथ निजी जीवन में बड़े हनुमान भक्त हैं और वे अपने निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाड़ा में सबसे बड़ी हनुमान मूर्ति की स्थापना कर कई वर्ष पूर्व उसकी प्राण प्रतिष्ठा भी करा चुके हैं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जो वचनपत्र जारी किया था उसमें भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात थी। सत्ता की बागडोर संभालते ही मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने एक के बाद एक ऐसे मुद्दे जो हिंदुओं की आस्था और विश्‍वास से जुड़े हैं उन पर पूरी संजीदगी से अमल करना प्रारंभ किया। यहां तक कि तत्कालीन राज्यपाल लालजी टंडन ने भी राज्य सरकार द्वारा सनातन संस्कृति पर काम करने की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस दिशा में जिस तरह से मुख्यमंत्री ने काम प्रारंभ किया है उसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। राज्यपाल ने हनुमान चालीसा को कमलनाथ द्वारा विश्‍व स्तर पर प्रचारित करने को पसंद किया। जिस प्रकार से कमलनाथ का भक्ति भाव और श्रद्धा प्रदेश के राजनीतिक पटल पर उभरकर सामने आ रही है लगता है कि उसका उद्देश्य बहुसंख्यक वर्ग में कांग्रेस के प्रति नये सिरे से आधार बनाना है। उनके तीन प्रयासों में खासकर श्रीलंका में सीता माता मंदिर, चित्रकूट का विकास और राम वन गमन पथ और हनुमान चालीसा को जिस ढंग से विश्‍व स्तर पर प्रचारित करने का प्रयास किया इसमें शामिल हैं। कमलनाथ चुनाव जीतने के बाद अपने इस अभियान पर सधे हुए कदमों से आगे बढ़ रहे तो जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा इस प्रकार के प्रयासों में विशेष रूप से सहभागी बने रहे, क्योंकि कमलनाथ सरकार 15 माह में गिर गई इसलिए उन्होंने जो कल्पना की थी, बजट प्रावधान किया था वह आगे बढ़ेंगी या नहीं यह इस बात पर निर्भर करेगा की शिवराज सरकार इनमें कितनी रुचि लेती है।
और अंत में…………..
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए वेबिनार आयोजित करने की आलोचना की थी उस पर प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह आश्‍चर्य की बात है क्योंकि यह आयोजन समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे जैकलिन और सलमान के साथ फोटो खिंचवाते हैं और समृद्ध मध्य प्रदेश के प्रयासों की आलोचना करते हैं। उनका इशारा कमलनाथ की ओर था।

Leave a Reply