श्रीमद् भागवत महापुराण में रुक्मणी विवाह का प्रसंग, पूर्णाहुति के पश्चात भंडारे का आयोजन

0 मृत्युंजय चतुर्वेदी द्वारा

मनेद्रगढ़। कार्तिक माह के पावन पर्व पर सर्वजन कल्यार्थ गौ कल्यानार्थ नशा मास मुक्ति हेतु नव दिवसीय भागवत महापुराण कथा विजय हनुमान टेकरी हनुमान मंदिर में महाराज जगन्नाथ पुरी, उड़ीसा भारत से पधारे राष्ट्रीय संत श्रद्धेय आचार्य आदि नारायण जी महाराज जगन्नाथ पुरी उड़ीसा भारत के मुखारविंद से की जा रही है । 3 नवंबर शाम 3:00 बजे से बड़े हनुमान मंदिर से श्री राम मंदिर तक कलश शोभा यात्रा बड़े ही धूमधाम से निकल गई 4 नवंबर से कथावाचक व्यास श्रद्धेय आचार्य आदि नारायण जी महाराज जगन्नाथ पुरी उड़ीसा भारत के मुखारविंद सुनाई जा रही है । व्यास पीठ से महाराज श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का महात्म सुनाया। 5 नवंबर को धुंधकारी के मोक्ष के बारे में महाराज जी ने बताया । उन्होंने बताया कि किस प्रकार धुंधकारी को भागवत कथा सुनने मात्र से ही वह अपने पापों से मुक्ति प्राप्त कर मोक्ष को प्राप्त किया । 6 नवंबर को महाराज जी ने भक्त प्रहलाद के भक्ति के बारे में बताया । कथा के चौथे दिन 7 नवंबर को भगवान श्री कृष्ण जी जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम से सुनाते हुए श्रोताओं में भगवान की जन्म की अनुभूति जागाई। कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनकर पूरा पंडाल कृष्ण भगवान जय जयकार से गूंज उठा।श्रद्धेय आचार्य आदि नारायण जी महाराज जगन्नाथ पुरी उड़ीसा भारत के मुखारविंद से जय कन्हैया लाल की जय हो ,गोपाल की मस्ती, बधाई गाई गई , बंधाई लुटाई और बधाई संगीत बजाई गई । आगे कथा सुनाते हुए आदिनारायण महराज जी ने बताया कि आज भी भक्तों के लिए आए दिन भगवान का जन्म होता रहता है भगवान आज भी हम सबके बीच हैं कोइ प्रेम से प्रभु को पुकारे तो भगवान भक्तों की सुनने के लिए सदैव दौड़े दौड़े चले आते हैं । 8 नवंबर को महाराज जी के मुखारविंद से पूतना वध ,गोवर्धन पूजा, गोवर्धन पर्वत के बारे में महत्व की कथा सुनाई। 9 नवंबर रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई गई । आज शाम 10 नवंबर को जगन्नाथ पुरी से आए महाराज आदि नारायण ने व्यास पीठ से सुदामा चरित्र का वृतांत सुनाया जिसे सुनकर श्रोताओं के कृष्ण और सुदामा के प्रेम को सुनकर आंसू ढलक आए ।शाम 8:00 बजे आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस कथा को श्रवण करने आसपास के क्षेत्र से सैकड़ो भक्तों ने पहुंचकर कथा का रसा स्वादन या । कल 11 नवंबर को सुबह 9:00 बजे से पूर्णाहुति कर कथा विसर्जन की जावेगी कथा उपरांत भंडारे का भी आयोजन किया गया है जिसमें सैकड़ो भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को चरितार्थ बनाया। कथा में कथा यजमान पुरोहित शपतनीक सोमनाथ शर्मा जी ,हनुमान मंदिर के महंत रामेश्वर दास महाराज जी, जगन्नाथ पुरी से आए पंडित श्री हिमांशु तिवारी ,पंडित श्री आशीष मिश्रा, पंडित श्री पवन द्विवेदी, अमन शर्मा, समीर सहित उन्नत शर्मा ,राजेश गोयल सुनीता चतुर्वेदी, शीला सिंह, ममता ओझा, सुनीता मिश्रा ,प्रियंका तिवारी, आरती, अरविंद मिश्रा, संदीप मिश्रा अशोक मिश्रा, संजय ओझा, मंदिर सिंह पिंकी, प्रतिमा, बिना शिवहरे सारिका, नीलिमा ,आरती शिवहरे ,मृत्युंजय चतुर्वेदी जनों ने पहुंच कर कथा का रसा- स्वादन किया। अंत में कथा व्यास गद्दी पर विराजे महाराज जगन्नाथ पुरी वाले आदि नारायण जी जगन्नाथ धाम से लाये हुए प्रसाद जगन्नाथ जी का महाभोग का सभी उपस्थित श्रोतागंणों को आशीर्वाद देते हुए वितरित किया।