
0 ए के इंस्टिट्यूट आफ नर्सिंग कालेज में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का किया गया सम्मान
0 मृत्युन्जय चतुर्वेदी
मनेन्द्रगढ़ । भारतीय संस्कृति मैं गुरु और शिष्य (शिक्षक और छात्र) के रिश्ते को बहुत महत्व देती है। यह दिन न केवल डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती का उत्सव है, वरन यह शिक्षकों की लगन और कड़ी मेहनत का सम्मान करती है। शिक्षक दिवस मनाने का उद्देशय शिक्षकों की सराहना करना है। शिक्षक बच्चों के जीवन को आकार देने और उनके बेहतर भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षक हमें सीखने, बढ़ने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमारा मार्गदर्शन करते हैं. उक्ताशय के विचार ए के इंस्टिट्यूट आफ नर्सिंग कालेज चैनपुर मनेन्द्रगढ़ में शिक्षक दिवस के अवसर पर संस्थान के डायरेक्टर डा. ए के ओझा ने व्यक्त किये। इस अवसर शिक्षकों को उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्मानित किया गया। आयोजन में संस्थान के डायरेक्टर डा. ए के ओझा, अवनिन्द्र सिंह, मृत्युन्जय चतुर्वेदी, धुरंधर तिवारी, रामचरित द्विवेदी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे । अपने उद्बोधन में मृत्युन्जय चतुर्वेदी ने कहा कि संस्था के संचालक ए.के. ओझा ने इस गरीब दूरस्थ अंचल में संस्था को संचालन करने की इच्छा को जागृत करते हुए अपनी नरसिंग कॉलेज की स्थापना की। उसके लिए मैं इन्हें साधुवाद देता हूं । दूरस्थ ग्रामीण अंचल में इस कॉलेज की खुलने से ऐसे छात्र छात्राएं जो बाहर नहीं जा नहीं पाते थे, उन्हें अपने जीवन को नए रूप में ढालने के लिए यह कॉलेज अच्छा माध्यम मिला । ग्रामीण अंचलों के भी छात्राएं इस संस्थान में शिक्षा के साथ साथ सभी गीत, संगीत, भाषण, पाककला, रंगोली,चित्रकारी जैसे गतिविधियों में भी जिस तरह से यहाँ के बच्चे अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं । यह उनके जीवन का सुखद पहलू है । जनकपुर के प्रसिद्ध समाजसेवी अवनिन्द्र सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस भारत में 5 सितंबर को बड़े जोश के साथ मनाया जाता है। यह दिन न केवल हमारे शिक्षकों के योगदान को मान्यता देने के लिए होता है, बल्कि यह उनके प्रति आभार व्यक्त करने का भी एक अवसर है। शिक्षक हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हमें न केवल शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि हमारे कैरक्टर, वैल्यूज और आदर्शों का निर्माण भी करते हैं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इन्हीं मूल्यों और आदर्शों के प्रतीक थे, जिनके जन्मदिन पर 5 सितंबर को हम शिक्षक दिवस मननाते हैं।
बलरामपुर से आये धुरंधर तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों का महत्व हमारे जीवन में बहुत अधिक है। वे हमारे जीवन को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक हमें सही और गलत के बीच का अंतर सिखाते हैं, जो हमें जीवन में सही रास्ते पर चलने में मदद करता है। वे हमें भविष्य के लिए तैयार करते हैं, जिससे हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। वे हमें अपने जीवन को सुधारने में मदद करते हैं, और हमें एक अच्छा इंसान बनाते हैं।इस अवसर पर संस्थान के छात्र छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
