प्रदेश की 7 सीटों पर 66 फीसदी से अधिक मत पड़े

0 ज्योत्सना महंत, सरोज पांडे, बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल सहित 168 उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में कैद

नईदिल्ली/ रायपुर। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान मंगलवार को खत्म हो गया। तीसरे दौर में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 93 सीटों पर 60′ से अधिक वोटिंग हुई है। गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया समेत सात मंत्रियों की किस्मत का फैसला इसी चरण में ईवीएम में कैद हो गया। दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान समेत पांच पूर्व मुख्यमंत्री भी इस चरण में चुनाव में मैदान में रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव की किस्मत भी इसी चरण में ईवीएम में बंद हो गई। इधर, छत्तीसगढ़ की 7 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। इन सीटों पर  66 प्रतिशतसे अधिक मतदान होने की खबर है। सबसे अधिक रायगढ़ में 76 प्रतिशत और सबसे कम बिलासपुर में  60 प्रतिशत मतदान हुआ।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा संसदीय क्षेत्रों में आज शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ। इसके साथ ही इन सातोंं लोकसभा क्षेत्रों में छब्बीस महिलाओं सहित एक सौ अड़सठ उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत ईव्हीएम में कैद हो गई है। इन संसदीय क्षेत्रों में करीब 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़े आना अभी बाकी है। मिली जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे तक रायपुर संसदीय क्षेत्र में इकसठ प्रतिशत, दुर्ग में लगभग सड़सठ प्रतिशत, बिलासपुर में करीब साठ प्रतिशत, जांजगीर-चांपा में बासठ प्रतिशत, कोरबा में लगभग इकहत्तर प्रतिशत, रायगढ़ में करीब छिहत्तर प्रतिशत और सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में लगभग चौहत्तर प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तीसरे चरण के मतदान के लिए पंद्रह हजार सात सौ एक मतदान केन्द्र बनाए गए थे। इनमें से पच्चीस मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और एक हजार बहत्तर केन्द्रों को अति-संवेदनशील घोषित किया गया था। इस चरण में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की दो सौ दो कंपनियां तैनात की गई थीं। इसके साथ ही सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं, सात हजार आठ सौ सतासी केन्द्रों में वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके माध्यम से निर्वाचन आयोग द्वारा इन केन्द्रों पर नजर रखी गई। तीसरे चरण में इकसठ हजार से अधिक मतदानकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
इन संसदीय क्षेत्रों में मतदान को लेकर युवा, महिला और बुजुर्ग सहित सभी वर्गों के मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया। सुबह से ही अधिकांश मतदान केन्द्रों में मतदाताओं की भीड़ रही और वे तेज धूप तथा गर्मी की परवाह न करते हुए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई मतदान केन्द्रों में मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए छाया और पेयजल के अलावा नींबू पानी और शरबत की व्यवस्था की गई थी। साथ ही मतदाताओं के बैठने के लिए बैंच और कुर्सियां भी रखी गई थीं। वहीं, मतदान दलों को मेडिकल किट उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें जरूरी दवाएं और ओआरएस घोल शामिल था। तीसरे चरण के मतदान में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और प्रथम महिला सुप्रभा हरिचंदन ने रायपुर के सिविल लाईन्स स्थित आदर्श मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया में सपरिवार मतदान किया। इसी तरह, मंत्री रामविचार नेताम ने भी अपने परिवार के साथ बलरामपुर जिले के सनवाल गांव में वोट डाला। जबकि, नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत और कोरबा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत ने सक्ती जिले के सारागांव में मतदान किया।

शाह, सिंधिया सहित सात मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
चुनाव के तीसरे दौर के मतदान खत्म हो गया है। तीसरे चरण में 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 93 सीटों पर लोग वोट डाले गए हैं। सूरत सीट पर भाजपा उम्मीदवार मुकेशभाई दलाल निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। वहीं, अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट का मतदान अब तीसरे की जगह छठे चरण में होगा। इस चरण में केंद्र सरकार के सात मंत्रियों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो गई है। इन मंत्रियों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हैं।