आपकी बात: देश में नोटबंदी पार्ट- 2 जारी आहे

0 संजीव वर्मा 
क्योंकि देखिए और समझिए देश में जारी है नोटबंदी पार्ट-2 याने नोटबंदी… नोटबंदी… नोटबंदी…जी हां! देश में एक बार फिर नोटबंदी की घोषणा हो गई है । पिछली बार 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए नोटबंदी की घोषणा की थी। इस बार केंद्रीय रिजर्व बैंक ने घोषणा की है। रिजर्व बैंक ने ऐलान किया कि ₹2000 मूल्य वर्ग के नोट अब चलन में नहीं रहेंगे। हालांकि पिछली नोटबंदी की तरह इन्हें तत्काल बंद नहीं किया गया है। बैंक ने कहा है कि 2000 के नोट 30 सितंबर तक बैंकों में बदले  जा सकेंगे और वैध रहेंगे। बाजार में मौजूद नोट या तो बैंक में जमा कराने होंगे या बैंक से बदले जा सकेंगे। रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि इन नोटों से लेनदेन या खरीदारी जारी रहेगी। यहां यह बताना जरूरी है कि 8 नवंबर 2016 को पहली नोटबंदी के समय 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के बाद 500 और 2000 के नए नोट जारी किए गए थे। तब केंद्रीय  रिजर्व बैंक ने कहा था कि अर्थव्यवस्था में नकदी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए 2000 के नोट जारी किए गए थे। अब बैंक ने कहा है कि ये नोट लाने का उद्देश्य पूरा हो गया है। वैसे भी पिछले कुछ समय से बाजार में 2000 के नोट दिखना बंद हो गया था। बीच में अफवाह भी उड़ी थी कि 2000 के नोट बंद किए जा रहे हैं, लेकिन फैसला अब लिया गया। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हमारा मानना है कि देर सबेर यह तो होना ही था। लेकिन इसे संयोग कहें कि नोटबंदी का जापानी कनेक्शन साफ दिख रहा है। पिछली बार नवंबर 2016 में नोटबंदी के ऐलान के बाद 12 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान यात्रा पर गए थे। इस बार 19 मई को 2000 के नोट बंद किए जाने के समय भी वे जापान की यात्रा पर थे। बहरहाल, अब यह देखना है कि इस बार नोटबंदी का क्या असर होगा। पिछली बार नोटबंदी से आम से लेकर खास यानी सभी वर्ग के लोग परेशान थे। आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में तकलीफें हुईं। लोगों को बैंकों और एटीएम के सामने घंटों लाइनों में खड़े रहना पड़ा। अस्पताल का बिल, बिजली का बिल, किराए की समस्या और बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा नुकसान पर्यटन स्थलों का हुआ। विदेशों से पर्यटकों का आना बंद हो गया। काम में भी मंदी आई। छोटे-छोटे उद्योग धंधों पर भी बुरा असर पड़ा। वहीं, कुछ फायदे भी गिनाए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि नोटबंदी से काला धन, आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर लगाम लगती  है। लेकिन पिछली बार सरकार ऐसा कोई आंकड़ा पेश नहीं कर पाई जिससे पता चल सके कि देश में कितना काला धन का पता चला या फिर आतंकवाद और भ्रष्टाचार में कितनी कमी आई। कहने का तात्पर्य है कि बिना किसी उद्देश्य या सोच विचार के कोई भी निर्णय उचित नहीं है। हालांकि इस बार आम लोगों पर इसका विपरीत असर पड़ेगा ऐसा नहीं लगता और ना ही अफरा-तफरी मचेगी क्योंकि नोट बदलने के लिए काफी समय दिया गया है। नोटबंदी की घोषणा के बाद देश भर में हलचल का माहौल जरूर है। लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 2000 के नोट वैध रहेंगे और इसे बैंकों में जमा कर बदलवा सकते हैं। वैसे भी 2019 से ही केंद्रीय बैंक ने 2000 के नोटों को छापना बंद कर दिया था। आम लोगों के पास बहुत कम ही 2000 के नोट बचे थे। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने 2000 के नोटों का इस्तेमाल काली कमाई और काला धन रखने में लगे थे। साथ ही आतंकवाद और मनी लांड्रिंग पर भी रोक लगेगी। इसके अलावा ₹2000 के नकली नोटों की छपाई भी तेजी से होने लगी थी। अब चूंकि इस पर प्रतिबंध लग गया है तो साफ है कि नकली नोट पर भी ब्रेक लग जाएगा। फिलहाल  भले ही दावा कुछ भी किया जाए लेकिन इसमें कितना दम है यह तो आने वाले समय में ही पता चल सकेगा, क्योंकि पहले जो दावे किए गए थे उसके  उतने बांछित परिणाम सामने नहीं आया।