श्री हनुमान जन्मोत्सव क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया

 

0 मृत्युंजय चतुर्वेदी द्वारा

मनेंद्रगढ़। श्री राम भक्त हनुमान महाराज का जन्मोत्सव रहा जो देश और दुनिया के कोने कोने में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। श्री राम भक्त हनुमान जी का जन्मदिन साल में दो बार मनाया जाता है एक चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को और दूसरा कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को किंतु इस बार के जन्मोत्सव की प्रसिद्ध एवं लोक मान्यता अधिक है बाल्मीकि रामायण के किष्किंधा कांड के स्वर्ग66 में वर्णन आता है की माता अंजना के गर्भ से शनिवार के दिन सूर्योदय के समय हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसलिए आज सूरज की पहली किरण के निकलते ही लोग हनुमान जी का जन्म उत्सव मनाना प्रारंभ कर देते हैं । हनुमान जी राम भक्त हैं ।किंतु श्री राम जि से कहीं ज्यादा हनुमान जी के सभी शहरों में मंदिर देखे गए हैं ।और उनकी पूजा सेवा ज्यादा की जाती है ।शनिवार और मंगलवार को इनके मंदिरों में ज्यादा भीड़ रहती है। ब्राह्मणों ने बताया कि हनुमान जी ने सूर्य जो को अपना गुरु बनाया और वह इसी कारण ज्ञानिनामग्रगण्यम् कहआते उन्हें उद्भट्ट ,व्याकरण कार ,संगीत ,ज्ञान ,महानता ,भाष्य, मनोविज्ञान में निपुण ,राजनीति में कुशल और आप राज्य योद्धा माना जाता है । हनुमान जी सप्त चिरंजीवी में से एक हैं ।इसलिए इनकी पूजा उपासना शीघ्र फलदाई मानी जाती है। वह अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता हैं । संकटमोचक है । जो व्यक्ति हनुमान अंजनी सुत वायु पुत्र महाबली रामेश्वट ,फाल्गुन सखा ,पिंगाक्ष ,अमित, विक्रम उदधिक्रमण ,सीता शोक नशावन ,लक्ष्मण प्राण दाता ,और दशा ग्रीव दर्पहा इन 12 नामों का प्रतिदिन स्मरण करता है उसकी सारी बाधाओं को हनुमान जी दूर कर देते हैं ,और मनोकामनाएं को पूरा करते हैं । आज झगड़ा खान रोड एवं अंबिकापुर रोड नदी पार, चिड़िया टॉकीज के पास नदी पार ,बड़े हनुमान जी के मंदिर में ।प्रातः काल से हरि कीर्तन अखंड रामायण ,सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा पाठ ,रखा गया था जिसमें क्षेत्र के नगर के भक्तजनों ने बड़े संख्या में पहुंचकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।