0 राज्य के सर्वांगीण विकास व सर्वहारा वर्ग का रखा ध्यान- वोरा
रायपुर / छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरूण वोरा ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार का डेढ़ वर्ष का कार्यकाल उल्लेखनीय सफलताओं से भरा हुआ है। प्रदेश में 15 वर्षों के बाद वादे पूरे करने वाली सरकार बनी है। किसानों की कर्जमाफी, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, शिक्षा कर्मियों का संविलियन, स्कूल शिक्षकों के 15 हजार पदों पर भर्ती, लघु वनोपज का सर्वाधिक समर्थन मूल्य देकर सरकार ने अपना वचन निभाया है। उन्होंने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी, गोधन न्याय योजना सहित बोधघाट परियोजना को मंजूरी दिलाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं शुरू कराने के साथ ही मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट काल में लाखों गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने का काम जिस अद्भुत कौशल के साथ किया है उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। कोरोना संकट से निपटने स्वास्थ्य कर्मियों के 2100 पदों पर नियमित एवं 3449 पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर सरकार ने अपनी संवेदनशीलता दिखाई है।
वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों की आर्थिक समृद्धि के लिए नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी और गोधन न्याय योजना जैसी अनूठी योजनाएं शुरू की। इससे ग्रामीणों की आर्थिक समृद्धि का रास्ता खुल रहा है। गांव-गांव में महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलने लगा है। गोबर खरीदी योजना से किसानों को न सिर्फ सस्ती दर पर जैविक खाद मिलेगी बल्कि गांव व शहर स्वच्छ होंगे। वोरा ने तल्ख लहजे में सवाल किया कि अगर किसानों को सस्ती दर पर खाद मिलने और गांवों को स्वच्छ बनाने वाली योजना से भाजपा नेता क्यों परेशान हैं?
वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रशासनिक कौशल का नतीजा है कि पिछले 40 साल से अटकी बोधघाट परियोजना को केंद्र से मंजूरी दिलाने में कामयाब हुए। मुख्यमंत्री ने सिंचाई सुविधाओं और खेती किसानी के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसानों के लिए कई बेहतर योजनाएं शुरू की। इसी तरह आदिवासी इलाकों में खेती के साथ ही वनोपज संग्रहण की दरें बढ़ाकर वनवासियों की आर्थिक समृद्धि का रास्ता खोल दिया।
वोरा ने कहा कि सिर्फ डेढ़ साल के भीतर प्रदेशवासियों के सुनियोजित विकास और हर वर्ग को राहत देने में पूरी तरह सफल रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता के कारण भाजपा मुद्दा विहीन हो गई है। 15 साल तक छत्तीसगढ़ में राज करने के बाद भी प्रदेश की जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल रहे भाजपा नेताओं को अब खुद की राजनीतिक जमीन बचाने की फिक्र हो रही है।
वोरा ने कहा कि गौसेवा के नाम पर राजनीति करने वाले भाजपा नेताओं का गौ कल्याण की योजनाएं शुरू करने पर भूपेश सरकार का विरोध करना आश्चर्यजनक है। गौठान योजना की चर्चा दुनिया के सर्वोत्तम शैक्षिक संस्थानों में से एक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हो रही है। गोधन न्याय योजना की चर्चा देश भर के आर्थिक विशेषज्ञ कर रहे हैं।
वोरा ने कहा कि भूपेश सरकार की अनूठी योजनाओं की सराहना करने की बजाय भाजपा नेता अनर्गल बयान देकर नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। वोरा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को बचे साढ़े तीन साल के कार्यकाल में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाना शुरू करना चाहिए। गोधन न्याय जैसी योजनाओं पर भी नकारात्मक राजनीति जारी रही तो 14 सीटों पर सिमटी भाजपा को अगले चुनाव में चार सीटें भी नहीं मिलेगी।