गनियारी स्कूल में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती; अतिथियों ने कहा- स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को जीवन में उतारने की आवश्यकता 

पाटन। स्वामी विवेकानंद विचार मंच के तत्वावधान में विगत दिन प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला गनियारी के परिसर में विवेकानंद जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि हिमाचल मढ़रिया एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती किरण बाला वर्मा (सेवानिवृत्त प्राचार्य) ने की। विशेष अतिथि के रूप में संकुल प्राचार्य समीरण दास, कृष्ण कुमार धुरंधर , देवेंद्र बंछोर , ललित कुमार बिजौरा , मिलिंद चंद्रा , गजानंद शर्मा उपस्थित थे। राज गीत गायन के साथ समारोह की शुरुआत हुई। मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के तैल चित्र पर पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के प्रधान पाठक एनके वर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। विद्यालय की छात्राएं कुमारी महेश्वरी, कुमारी मुस्कान, कुमारी किरण, कुमारी तान्या ठाकुर ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन वृतांत पर प्रकाश डाला। मंच के संयोजक ललित कुमार बिजौरा ने कहा स्वामी जी के आदर्शों को आज हमें अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। स्वामी जी ने भारत को संपूर्ण विश्व में एक अलग पहचान दिलाई। आपके शक्तियों से विद्यार्थी अपने जीवन में नई ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। मिलिंद चंद्रा ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से स्वामी जी के साहस और मन की एकाग्रता को स्पष्ट कर विद्यार्थियों को उनके पद चिन्हों पर चलने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि हिमाचल मढ़रिया ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद जी के संपूर्ण जीवन वृतांत को रखते हुए बताया कि कैसे स्वामी जी ने मानव सेवा को लक्ष्य रखकर मानवता का संदेश दिया एवं भारतीय संस्कृति को समूचे विश्व में स्थापित कर भारत की मिट्टी को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि अपने अल्प जीवन में स्वामी जी ने भारत को आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। कार्यक्रम की अध्यक्ष किरण बाला वर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी भारत के लिए अद्वितीय महापुरुष हुए जिनका जीवन दर्शन हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वामी जी के नेत्रों को ध्यान से देखकर अपने भीतर एक नवीन उत्साह एवं एकाग्रता का संकल्प लेने का आग्रह किया। मंच संचालन करते हुए हेमंत मढ़रिया ने कहा कि भारत संतों की भूमि है जहां विवेकानंद जी जैसे महान संत के विचार हमारे लिए अमूल्य धरोहर हैं। इस अवसर पर श्रीमती किरण बाला वर्मा द्वारा विद्यालय के श्रेष्ठ विद्यार्थी गुलशन कुमार एवं समारोह में उपस्थित आंचल मढ़रिया का सम्मान किया गया। इस अवसर पर किरण ठाकुर, शरद वर्मा, अनिल देवांगन, भारती शर्मा, सपना मढ़रिया, ज्योस्तना चक्रवर्ती सहित समस्त विद्यार्थी एवं ग्रामवासी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन कृष्ण कुमार धुरंधर ने किया।