
0 मृत्युंजय चतुर्वेदी
मनेंद्रगढ़। वर्ष के अंतिम दिन आम जन मनोरंजन के लिए पर्यटन क्षेत्र में जाते हैं,धार्मिक स्थलो में जाते हैं या अपनी पसंद की किसी जगह में घूमने के लिए जाते हैं, लेकिन एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ में विदा वर्ष के अंतिम दिन को खुशनुमा बनाने के लिए एक अनूठा महोत्सव किया जाता है जिसमें शामिल होने के लिए लोग कहीं जाना तो दूर की बात मनेंद्रगढ़ से हिलते तक नहीं है क्योंकि इस आयोजन के लिए लोगों को काफी बेसब्री रहती है. इस अनूठे आयोजन की पहचान ”बहरूपिया महोत्सव” के रूप में बनी हुई है.
विलुप्त होती ”बहरूपिया कला” के संरक्षण संवर्धन के लिए मनेंद्रगढ़ में 31 दिसंबर को बहरूपिया प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है.यह प्रतियोगिता एक महोत्सव के रूप में या यूं कहें “मनेंद्रगढ़ कार्निवाल” के रूप में पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बना चुकी है. यही वजह है कि इस महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों का हुजूम समूचे मनेंद्रगढ़ में उमड़ पड़ता है.
विदा वर्ष के अंतिम दिन को रोमांच और उत्साह से भरपूर बनाने के लिए बहरूपिया प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है जो आयोजन अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है.यही वजह है कि 31 दिसंबर के दिन मनेंद्रगढ़ में बहुरूपियों का मेला लगता है जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं.
इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात क्या होती है कलाकारों के प्रदर्शन के लिए ना कोई मंच होता है ना कोई प्लैटफॉर्म होता है वरन सभी भव्या कलाकार नगर के सभी प्रमुख मार्गों चौक चौराहों में घूम-घूम कर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं इस दौरान पूरे मनेंद्रगढ़ शहर में कितनी भीड़ हो जाती है कि सड़क पर सिर्फ बहरूपिया कलाकार और उनको प्रदर्शन को देखने के लिए उमड़ी भीड़ ही दिखाई पड़ती है.
बीते कई वर्षों से विलुप्त होती कला बहुरूपिया के संरक्षण संवर्धन के लिए मनेंद्रगढ़ में अनूठी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है शहर के गणमान्य नागरिकों व व्यापारियों द्वारा दी जाने वाली वह सामग्री होती है जिसका वह अपने प्रतिष्ठान में विक्रय करते हैं जो व्यापारी आलू प्याज का काम करते हैं वह आलू प्याज देते हैं, जो कपड़े का काम करते हैं वे कपड़े देते हैं. कलाकारों को पुरस्कार के रूप में क्षेत्र के व्यापारियों द्वारा आटा,चावल, कपड़े के साथ ही साथ फ्रिज,अलमारी, कूलर,वाशिंग मशीन और यो बाइक तक दी जाती है.
कलाकारों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय, टॉप टेन और सांत्वना पुरस्कार दिए जाते हैं.
कलाकारों के प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट कलाकारों के चयन के लिए शहर के सभी प्रमुख चौराहों में निर्णायकों के लिए मंच लगाए जाते हैं जहां बैठकर निर्णायक बहरूपिया कलाकारों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अंक देते हैं.इन निर्णायकों में सामाजिक संस्थाओं,शिक्षकों,अधिवक्ताओं,चिकित्सकों,व्यापारियों के उन लोगों को शामिल किया जाता है जो कला के प्रेमी व पारखी होते हैं ve प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाते हैं.
आयोजन को भव्य रूप देने मनेंद्रगढ़ सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष निखिल अग्रवाल, सचिव विवेक गुप्ता,सभाजीत यादव,विपिन तिवारी, हिमांशु श्रीवास्तव, धीरेंद्र विश्वकर्मा, रवि जायसवाल, आकाश दुआ,यस ताम्रकार,दिनेश द्विवेदी,सौरभ गुप्ता,राम केसरवानी रवि सिंह, गौरव मिश्रा,सूरज केसरवानी, चिराग इलाहाबादी, प्रकाश जायसवाल, स्वप्निल ताम्रकार समेत समस्त युवा सक्रिय हैं.
