ग्राम खोखली में एक महिला की  जघन्य हत्या के मामले का पर्दाफाश, साइबर सेल एवं थाना भाटापारा ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्या की गुत्थी को सुलझाया 

*अज्ञात आरोपी को पकड़ने थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम का किया गया था गठन
● *लकडी तोडने के विवाद को लेकर की गई थी महिला की हत्या*
● *महिला की हत्या करने वाले अपचारी बालक को लिया गया अभिरक्षा में
● *हत्या करने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए दिया गया घटना को बलात्कार का रूप*
● *लगातार 04 दिवस तक 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का किया गया अवलोकन
● *सांथ ही ह्यूमन इंटेलिजेंट के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में मिली सफलता
● *हत्या करने के बाद आरोपी द्वारा महिला के पहने जेवरात को लिया गया था निकाल
● *आरोपी से मृतिका के जेवरात भी किया गया बरामद

भाटापारा। ग्रामीण थाना प्रभारी विनोद कुमार मंडावी एवं साइबर सेल प्रभारी रोशन सिंह राजपूत द्वारा संयुक्त टीम गठित कर ग्राम खोखली में घटित ब्लाइंड मर्डर के आरोपी अपचारी बालक को अभिरक्षा में किया गया । मामले में जानकारी देते हुए पुलिस के द्वारा बताया गया है कि
प्रार्थी मणिराज साहू निवासी ग्राम खोखली थाना भाटापारा ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराया की इसकी मां श्रीमती धनमत बाई साहू जो दिनांक 25.10.2022 को घर से शौच के लिए मैदान तरफ निकली थी, जिसके वापस नहीं लौटने पर पता तलाश किया जा रहा था, इसी दौरान इनकी लाश दिनांक 27.10.2022 को ग्राम खोखली के गंगा बिसन बाड़ी में पड़ा मिला। कि रिपोर्ट पर मर्ग कायम पंचनामा उपरांत मृतिका के शव का पीएम कराया गया । मृतिका श्रीमती धनपत बाई साहू पति स्व. महेश साहू उम्र 45 वर्ष को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या करना पाए जाने से धारा 302 भादवी कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित जांच कार्यवाही प्रारंभ किया गया।

प्रकरण में घटनास्थल व आसपास के क्षेत्रों में लगातार 04 दिवस कैंप कर लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का लगातार अध्ययन लगातार किया गया। साथ ही ग्राम खोखली के बोरबाडी, मिल मे काम करने वालो व आसपास के लगभग 100 व्यक्तियों से पूछताछ किया गया। इसी दरम्यान मृतिका को अंतिम बार देखे जाने वाले व्यक्ति के संबंध में जानकारी मिलने पर मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ करने पर आरोपी अपचारी बालक द्वारा जुर्म स्वीकार करते हुए बताया गया कि मृतिका इसके लीज में लिए गए बाड़ी का लकड़ी चुरा रही थी, जिसे मना करने पर गाली गलौज करने से, गुस्से में आकर हाथ मुक्का से मारपीट कर गले को उसके पहने साड़ी से दबाकर हत्या करने एवं मृतिका के पहने जेवरात को निकालना* स्वीकार किया। प्रकरण में संकलित साक्ष्य के आधार पर विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से विधिक संरक्षण में लेकर वैधानिक कार्रवाई किया गया। प्रकरण के खुलासा में थाना प्रभारी विनोद कुमार मंडावी, साइबर सेल प्रभारी रोशन सिंह राजपूत, सहायक उप निरीक्षक संजीव राजपूत, प्रधान आरक्षक नवीन कुर्रे, प्रधान आरक्षक अरशद खान, आरक्षक द्वारिका साहू, अंजोर सिंह मांझी, सूरज राजपूत, मोहन मेश्राम का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।