दलितोेंं, किसानों और पिछड़ों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरेगी कांग्रेस

0 अरुण पटेल

रविवार को रात्रि में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर हुई कांग्रेस विधायकों की बैठक में पूरी एकजुटता के साथ रहने और उपचुनावों में भाजपा की शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बनी सरकार की तगड़ी घेराबंदी करने की रणनीति बनी। उपचुनाव में किसानों, दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के मुद्दे को उभार कर उसके सहारे फिर से प्रदेश में अपनी सरकार बनाने का रास्ता तलाशने की कांग्रेस कोशिश करेगी। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के उपचुनाव समय पर होंगे और सितंबर माह अंत तक करा दिए जाएंगे।
इसके बाद अब भाजपा और कांग्रेस जल्दी ही उपचुनाव वाले क्षेत्रों में अपनी सक्रियता बढ़ाएंगे। इस समय प्रदेश में यूरिया की किल्लत है और किसानों को दिक्कत आ रही है।इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने का संकेत करते हुए पूर्व कृषि मंत्री कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने उर्वरक की कालाबाजारी और नकली बीजों से किसानों की परेशानी का मुद्दा उठाते हुए एक बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों को यूरिया की आपूर्ति पिछले साल की तुलना में ज्यादा की गई है और किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों तथा कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध एफआईआर की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कमलनाथ को हवा-हवाई नेता निरूपित करते हुए कहा कि उन्हें खेत-खलियान के बारे में पता ही नहीं है तथा कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा, छल कर उन्हें बर्बाद किया गया है। कांग्रेस का जांच दल गुना में अतिक्रमण हटाने गए पुलिसकर्मियों द्वारा दलित दंपत्ति की पिटाई के मामले की जांच कर लौट आया है और उसने अपना निष्कर्ष अध्यक्ष को सौंप दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया है कि यदि दलित दंपत्ति को न्याय नहीं मिला और उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली तो फिर कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और आंदोलन करेगी। पिछड़ों को 27% आरक्षण के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।कमलनाथ ने दलितों और आदिवासियों पर उत्पीड़न के मामले उठाते हुए संकेत दे दिया है की पार्टी ने अपने चुनावी मुद्दे रेखांकित कर लिए हैं। दल बदल को प्रमुखता से उभारने के साथ ही उपरोक्त मुद्दे चुनावी मैदान में उसके हथियार होंगे।
कांग्रेस विधायक दल की कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में डैमेज कंट्रोल के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ ही कांग्रेस की भावी रणनीति पर खुलकर चर्चा की गई। यह बैठक डैमेज कंट्रोल के लिए थी ताकि और विधायक कांग्रेस ना छोड़ें, इसमें विधायकों को शपथ दिलाई गई कि वह हमेशा कांग्रेस के साथ रहेंगे। पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने शपथ पढ़ी और बैठक में मौजूद विधायकों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति दी। कमलनाथ ने कहा कि विधायकों की जो समस्या है वह उनसे कहें और भाजपा के पद और पैसे के लालच में किसी को नहीं आना है। कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने वाले सभी भाजपा नेताओं को एक्सपोज किया जाए। विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में उसी को टिकट दी जाए जो संघर्ष कर आगे आए हैं।विधायकों की मांग थी कि उपचुनाव वाले क्षेत्रों के उम्मीदवार जल्दी घोषित किए जाएं। यह भी तय किया गया कि सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस आंदोलन करेगी और दलबदलू विधायकों का विरोध किया जाएगा। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति, पूर्व मंत्रियों सज्जन सिंह वर्मा और बाला बच्चन को विधायकों को साधने की जिम्मेदारी देते हुए कमलनाथ ने उनसे कहा है कि वह रोजाना प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठकर दो-दो विधायकों से बात करें।
अन्य पिछड़े वर्गों को रोजगार एवं शिक्षा में दिये गये 27 प्रतिशत आरक्षण को सरकार से तत्काल लागू करवाने की मांग कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग के वरिष्ठ नेताओं ने की इससे इस बात का अंदाजा लग जाता है कि इस मामले को लेकर कांग्रेस कितनी गंभीर है और इसे एक बड़ा मुद्दा बनाने वाली है। पार्टी ने यह भी कहा है कि वह अपनी ओर से कोर्ट में अन्य पिछड़ा वर्गो का पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ वकील खड़ा करेगी। यह बात आज है संयुक्त पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी, पर्वू मंत्री कमलेश्‍वर पटेल, पूर्व मंत्री सचिन यादव, विधायकों दिलीप सिंह गुर्जर, सिद्धार्थ कुशवाहा, राहुल लोधी एवं प्रवक्ता विभा पटेल ने कही है। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि जब से भारतीय जनता पार्टी शासन में आई है तबसे उन्होंने कांग्रेस के द्वारा किये गए जनहित के अनेक निर्णय विद्वेषपूर्ण तरीके से बदलना प्रारम्भ कर दिए हैं। कई प्रकरणों में शासन का पक्ष भी ठीक ढंग से नहीं रखा गया है। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग का यह 27 प्रतिशत आरक्षण विधेयक विद्धेष की बलि नहीं चढ़ना चाहिए।
और अंत में……..!
राजभवन में अगली शपथ लेने के बाद कांग्रेस विधायकों की बैठक होने के बारे में कमलनाथ के कथन पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दिल बहलाने के लिए गालिब ये ख्याल अच्छा है। शिवराज ने कहा कि कमलनाथ बयानों से दिल बहला रहे हैं पहले अपनेै टूटे घर को तो बचाएं। डेमेज कंट्रोल के लिए बुलाई गई बैठक में विधायकों को एकजुटता की शपथ दिलाई जाने के संबंध में खबरें सामने आने के बाद पूर्व मंत्रियों ने इस बात खंडन करते हुए कहा की बैठक में किसी तरह की शपथ नहीं हुई। जीतू पटवारी का कहना था हमने जो शपथ ली वह विधानसभा में ली थी और कल की बैठक में कोई शपथ नहीं ली।
बैठक में विधायकों की उपस्थिति को लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज किया कि जब कमलनाथ सीएम थे तभी पूरे विधायक नहीं पहुंचते थे,कांग्रेस में कॉन्फिडेंस नहीं है, केवल जाहिर कर रहे हैं ताकि बाकी लोग और ना निकल जाए। कांग्रेस विधायक के पी सिंह की उनसे मुलाकात पर डॉ मिश्रा ने चुप्पी साध ली। इसके साथ ही अचानक के पी सिंह के कांग्रेस के हाथ से फिसलने की अटकलों ने जोर पकड़ा। कांग्रेस नेता राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष जेपी धनोपिया ने इसे सौजन्य मुलाकात बताते हुए कहा कि मंत्री से कोई भी विधायक मिल सकता है और यह मुलाकात भी इससे अधिक नहीं थी। आने वाले कुछ दिनों में ही यह साफ हो सकेगा की डैमेज कंट्रोल की बैठक कितनी सफल रही।

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