पत्रकार से मारपीट के मामले में भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मोनू साहू गिरफ्तार

रायपुर। दुर्ग जिले के पंचायत सदस्य एवं बीजेपी नेता मोरध्वज (मोनू) साहू पर पत्रकार धीरेंद्र गोस्वामी से मारपीट करने का आरोप है. मोनू साहू के खिलाफ अमलेश्वर थाना में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं मोनू साहू ने आरोप लगाया है कि पुलिस एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है. उनकी शिकायत नहीं सुनी जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार अमलेश्वर के वुडआइलैंड कॉलोनी में कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद दो पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें बीच-बचाव के दौरान पत्रकार धीरेंद्र गिरी गोस्वामी के साथ भी मारपीट हुई।  पत्रकार को रात में ही अस्पताल में दाखिल किया गया था। वहीं, इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता मोनू साहू और उनके साथियों के खिलाफ प्राणघातक हमला करने के आरोप में 307 के तहत मामला दर्ज किया है। दुर्ग के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में एक टीवी चैनल के पत्रकार पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। पत्रकार को इतनी बुरी तरह मारा गया कि वह बेसुध होकर वहीं गिर गया। उसके सिर व कई अन्य जगहों में चोटें आई हैं। इस हमले का आरोप एक भाजपा नेता पर है। पत्रकार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पाटन के अमलेश्वर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य मोनू (मोरध्वज) साहू के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अमलेश्वर थाना प्रभारी गोपाल वैश्य ने बताया कि घटना गुरुवार देर रात 11.30 बजे के आसपास की है। धीरेंद्र गिरी गोस्वामी एक टीवी चैनल का पत्रकार है। अमलेश्वर स्थित वुडलैंड कॉलोनी में कुछ लोगों के बीच विवाद हो गया था। सूचना मिलने पर धीरेंद्र वहां पहुंचा था। धीरेंद्र ने देखा कि कॉलोनी में रहने वाले रात्नाकर नाम के युवक की पत्नी के साथ मोनू साहू और उसके साथी छेड़खानी कर रहे थे। उसका दुपट्‌टा भी खींच दिया गया था। ऐसे में बीच-बचाव करने गए धीरेंद्र को जान से मारने की धमकी देकर मोनू और उसके साथियों ने हमला कर दिया।
विवाद दरअसल बच्चों के झगड़े से शुरू हुआ। मोनू साहू के परिवार के लोग झगड़े में शामिल थे, इन्हीं को समझाने गए पत्रकार पर माेनू और उसके लोगों ने हमला किया। इस गुंडागर्दी का विरोध करते हुए रायपुर के कई पत्रकार अमलेश्वर थाने पहुंचे। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप था। कुछ ही देर में जिला पंचायत सदस्य मोनू साहू को गिफ्तार कर लिया गया। मौके पर ग्रामीण एएसपी अनंत साहू भी पहुंचे।
इस बीच, थाने आकर मोनू साहू ने खुद के जनप्रतिनिधि होने का धौंस जमाया। पत्रकार एफआईआर करने और कार्रवाई की बात पर अड़े रहे। कोई धौंस काम न आई तो मोनू साहू का समर्थन करने आए लोग भी इसे अकेला छोड़कर भाग गए। इस पूरे मामले को लेकर मोनू ने कहा कि बच्चों के साथ झगड़े की वजह से महिलाओं का झगड़ा हुआ और बात बिगड़ी, किसने मारपीट की मैं नहीं जानता, वहां बहुत लोग थे। मैंने कुछ नहीं किया।