भाटापारा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि का दिन महाशुभ होता है इसलिए इस दिन से विभिन्न शुभ कार्यों की शुरुआत की जाती है। इनमें गृह प्रवेश, व्यवसाय आरंभ, विभिन्न निर्माण कार्य, पूजा-पाठ आदि कार्य संपन्न किए जाते हैं।
ज्ञात हो कि प्रत्येक वर्ष के फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मंदिर में भक्तिभाव से मांगा हुआ वरदान महादेव अवश्य पूरा करते हैं। महाशिवरात्रि पर अपनी बुराइयों को त्याग कर अच्छाइयों को ग्रहण करने का पर्व माना जाता है। इस पर्व पर शिव की आराधना कर समस्त परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। इस बार महाशिवरात्रि 1 मार्च को मनाने हेतु राजाराम बजाज की अध्यक्षता में
पूज्य बिरादरी पंचायत के पदाधिकारियों व सदस्यो की स्थानीय झूलेलाल धाम में बैठक हुई। बैठक में झूलेलाल धाम शिव मन्दिर में महाशिवरत्रि मनाने
की व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। भक्तजनों के आवागमन एवं पूजा-अर्चना में सुविधा के लिए निर्णय लिए गए। साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया। पंचायत के महेश चन्दानी ने बताया कि आगामी एक मार्च को महाशिवरात्रि पर्व है।
श्री झूलेलाल मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाता रहा है। उक्त पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार पूजन हवन व अभिषेक होता है। इस वर्ष भी शिव मन्दिर में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व को सफल बनाने के लिये सभी भक्तों से सहयोग आशा है.बैठक में पूज्य बिरादरी पंचायत के गणमान्य लोग उपस्थिति थे।
