भाटापारा। धर्म परिवर्तन करवाना बेहद अनुचित कार्य है। धर्म परिवर्तन कराने वालों को कड़ी से कड़ी सजा देना चाहिए। जहां पर धर्म परिवर्तन का कार्य होता है तो वहां पहले उस प्रदेश के मुख्यमंत्री का धर्म परिवर्तन करवा देना चाहिए। देश में नकली शंकराचार्य की भरमार है, ऐसी कोई सरकार है ही नहीं जो उन्हें दंड दे सके। उपरोक्त बातें गोवर्धन मठपुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने महेश्वरी भवन में आयोजित संगोष्ठी के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कही। इस दौरान उन्होंने अनेक लोगों के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि औरों के लिए जो असंभव हो जाता है और जिनके लिए वही कार्य संभव होता है तो वह अपना कार्य करते हैं और तभी इतिहास बनता है। उन्होंने कहां की हिंदू राष्ट्र के लिए कार्य करना गौरव की बात है तथा सनातनी परंपरा का निर्वहन लोगों को जरूर करना चाहिए। जातिगत जनगणना के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश के नेता अपने हिसाब से कार्य करते हैं जहां पर जिस समाज के लोग ज्यादा होते हैं वहां पर उस समाज के व्यक्ति को चुनाव लड़वा देते हैं।
उन्होंने कहा कि अंदर ही अंदर काफी कार्य हो रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गांधी को याद करो पर सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह को आगे करो चल रहा है। एक समय आएगा जब अपने आप सब कुछ साफ हो जाएगा और जिसको जहां पहुंचना है वह वहां पहुंच जाएगा। राजिम मेले को कुंभ का नाम दिए जाने पर उन्होंने लोगों से ही पूछा कि इसके पहले उसे किस नाम से जाना जाता था तब लोगों ने बोला की राजिम मेले के नाम से जाना जाता था तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मेला ही है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि पर वहां कोई झमेला ना हो। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि वेद पुराणों में कुंभ का स्पष्ट उल्लेख है जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके पूर्व बुधवार को श्री माहेश्वरी मिल में विराट धर्मसभा को संबोधित करते हुए स्वामी जी ने उपस्थित लोगों से कहा कि हमें गर्व से कहना चाहिए कि हम हिंदू हैं । हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं इसके लिए हमें किसी की प्रतीक्षा ना करते हुए स्वयं को आगे करके कार्य करना चाहिए। शंकराचार्य को सुनने व उनके दर्शन लाभ के लिए बड़ी संख्या में लोग माहेश्वरी मिल पहुंचे थे। गुरुवार को महेश्वरी भवन के सभागार में जैसे ही शंकराचार्य जी का पदार्पण हुआ वैसे ही उपस्थित भक्त जनों ने जय कारे लगाते हुए अपने अपने सवाल वह अपनी अपनी बातें शंकराचार्य जी के समझ के रखी जिसका बेहद सादगी से उन्होंने लोगों के शंकाओं का समाधान किया और सवालों के जवाब दिए। इस अवसर पर पादुका पूजन का कार्यक्रम भी हुआ। इस दौरान काफी बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे विशेष रूप से विधायक शिवरतन शर्मा आचार्य झम्मन शास्त्री वीरेंद्र शर्मा अनिल चांडक बब्बू मूंदड़ा शिवकुमार दम्मानी नरेश चौबे घनश्याम पुरोहित विजय शर्मा आशीष पुरोहित आनंद शर्मा आदि लोगों की उपस्थिति रही।
राजिम मेला है कुंभ नहीं, धर्म परिवर्तन अनुचित कार्य: निश्चलानंद सरस्वती
