विजयादशमी पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन निकला

भाटापारा । विजयादशमी के पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा नगर के सरस्वती शिशु मंदिर से पथ संचलन निकाला गया जो कि नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए बाल मंदिर उद्यान में सभा स्थल में परिवर्तित हुआ। इस अवसर पर विभाग बौद्धिक प्रमुख युगल किशोर देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक विजयदशमी का अर्थ आत्मसात करने का दिवस है कि हमारे अंतर्मन में जो अवगुण हैं उन पर विजय प्राप्त करें। हम 9 दिनों तक शक्ति की उपासना करते हैं और उपासना से हमें शक्ति मिलती है। वैसे 51 शक्ति पीठ हैं। पर हम नौ रूपों में देविओ का हम ध्यान करते हैं। हमें शक्ति क्यों आवश्यक है। हम इन शक्तियों का क्या करेंगे। हमें ऐसी शक्ति चाहिए जो हमें अन्याय अत्याचार से हमारी रक्षा करें। हमारे हिंदू धर्म का इतिहास रहा है कि हमने किसी के ऊपर आक्रमण नहीं किया, पर अगर हम पर कोई आक्रमण करें तो हम उसका माकूल जवाब देने के लिए तैयार रहते हैं। इसीलिए यह शक्ति की उपासना की जाती है और हमारी भक्ति और शक्ति का इसीलिए पूरी दुनिया लोहा मानती है, परंतु कुछ विदेशी शक्तियां हमारे धर्म को कमजोर करने में लगी रहती हैं और हमारे हिंदू भाइयों को अपने धर्म से विचलित करने का प्रयास करते हुए उनका धर्मांतरण करने में लगी रहती हैं। हमें इनका माकूल जवाब देना चाहिए। हमारा हिंदू धर्म दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धर्म में गिना जाता है। हम अपने धर्म से क्यों विचलित हो हम अपना धर्म क्यों बदले ? जिस हिंदू धर्म में भगवान राम और कृष्ण जैसे भगवानों ने जन्म लिया जहां कि शंकराचार्य स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप ,वीर शिवाजी जैसे महापुरुष पैदा हुएऔर महारानी लक्ष्मी जैसे वीरांगना पैदा हुई वह धर्म कैसे कमजोर हो सकता है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना पर बोलते हुए देवांगन ने कहा कि विजयदशमी के दिन ही परम पूज्य हेडगेवार ने नागपुर में कुछ अपने बाल मित्रों के साथ संघ की शुरुआत की थी कि हमारा भी एक संगठन होना चाहिए जो अन्याय एवं अत्याचार तथा विदेशी आक्रमण का प्रतिकार कर सके। 1948 में जब पाकिस्तान ने कश्मीर में आक्रमण किया तो उस समय सैनिकों के लिए लड़ाकू विमान उतरने के लिए हवाई पट्टी स्वयंसेवकों ने ही तैयार की थी इसमें हमारे कुछ स्यमसेवक शहीद भी हो गए थे पर वे विचलित नहीं हुए और हमारे सैनिकों को हवाई पट्टी तैयार करके दी और हवाई पट्टी तैयार होते ही हमारे देश के युद्धक विमानों को हवाई पट्टी उतारने में काफी मदद मिली और हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया महात्मा गांधी भी संघ की वर्धा शाखा में आकर संघ से काफी प्रभावित हुए थे तथा 1962 में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संघ को गणतंत्र दिवस की परेड में आमंत्रित किया था।
समारोह की अध्यक्षता नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ विकास आडिल ने की है तथा साथ में नगर संघचालक बिहारी अग्रवाल थे इस अवसर पर नगर कार्यवाह रामचंद्र सचदेव सह जिला कार्यवाह शालीन साहू थे जिनके मार्गदर्शन में पथ संचलन संपन्न हुआ।

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