दुर्ग। दशहरा उत्सव में आयोजन समितियां सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आयोजन स्थल पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं रहेगी। साथ ही सभी दुर्गोत्सव समितियों को मूर्ति विसर्जन 14 एवं 15 अक्टूबर को करना होगा मूर्ति विसर्जन केवल सूर्योदय के पश्चात एवं सूर्यास्त के पहले करना होगा।
जिला कलेक्टर द्वारा आज मूर्ति विसर्जन एवं दशहरा उत्सव के संबंध में 23 बिंदुओं पर निर्देश जारी किया गया है । सभी निर्देश तत्काल आज से ही प्रभाव शील रहेंगे ।नोबल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना है, जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। आगामी दशहरा पर्व में शहर में विभिन्न स्थानों में रावण पुतला दहन करने वाले आयोजकों की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार रावण पुतला दहन के संबंध में निम्नानुसार निर्देश प्रसारित किया जाता है :
- पुतला दहन खुले स्थान पर किया जावे ।
- कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी समेत केवल 50 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति दी गई है।
- पुतला दहन के दौरान आयोजन की वीडियोग्राफी करानी होगी।
- मूर्ति विसर्जन 14 एवं 15 को अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करेंगे।
- पुतला दहन कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे।
- सूर्यास्त के पश्चात् एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रकिया की अनुमति नहीं होगी।
- पुतला दहन के दौरान आयोजक एक रजिस्टर संधारित करेंगे एवं पुतला दहन कार्यक्रम में आने वाले सभी
व्यक्तियों का नाम, पता मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा । ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोराना संक्रमित होने
पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। - प्रत्येक समिति/आयोजक समय पूर्व सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम से यह जानकारी देखें कि कोविड-19
कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम सीमित रूप से किया जायेगा। - पुतला दहन में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारा, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
- आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल/फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनेटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
- रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार अनिवार्यतः बेरिकेटिंग कराया जावे।
- आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनी विस्तारक यंत्र डीजे, धुमाल, बैंड पार्टी बजाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
- समिति द्वारा सैनेटाईजर , थर्मल स्किनिंग , आक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू (कतार) मेनेजमेंट सिस्टम की
सुव्यवस्थित व्यवस्था की जावेगी । थर्मल स्किनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी
सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी । - कार्यक्रम के आयोजन के दौरान अग्नि शमन की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्यतः किया जाना होगा।
- आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जावे। किसी प्रकार का यातायात बाधित न हो यह
सुनिश्चित किया जावे। पार्किंग की व्यवस्था स्वयं के द्वारा की जावे। - आयोजन के दौरान प्रदुषण मानको का पालन व प्रदुषण नियंत्रण के लिये निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम,भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा, नियमों के
उल्लंघन करने पर समिति/आयोजक जिम्मेदार होंगे। - कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन की अनुमति नहीं होगी। यदि पुतला दहन कार्यक्रम के अनुमति के पश्चात्
उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल कार्यक्रम निरस्त माना जायेगा एवं कंटेनमेंट जोन के
समस्त निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। - आयोजन के पूर्व अपने क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कार्यालय/ स्थानीय थाना प्रभारी/संबंधित जोन कार्यालय को सूचित करना अनिवार्य होगा।
- आयोजन के दौरान किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन न किया जावे।
- आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इस हेतु पर्याप्त वालेंटियर रखा जावे एवं स्वच्छता का
विशेष ध्यान रखा जावे। - यह आदेश राज्य शासन द्वारा जारी नियमों एवं निर्देशो के अधीन होगी।
- उपरोक्त शर्तों के उल्लंघन करने की दशा में इसकी समस्त जवाबदारी आयोजक की होगी तथा नियमानुसार
कार्यवाही की जावेगी। - इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , छत्तीसगढ़ शासन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभगा, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा
समय समय पर जारी निर्देश/आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा ।
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा आदेश में निहित शतों के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य सुसंगत धाराओं के तहत् कठोर कार्यवाही की जावेगी।
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