भाटापारा। इस साल मौसम के बिगड़ते मिजाज और सितंबर माह में रुक-रुक कर प्रतिदिन हो रही बारिश के चलते धान की फसल में कीट प्रकोप का संक्रमण बढ़ जाने की वजह से किसान चिंतित एवं परेशान हैं साथ ही फसल बचाने की जद्दोजहद में किसानों को हर बीमारी के लिए अलग-अलग दवाइयों का छिड़काव करना पड़ रहा है जिससे खेती किसानी की लागत बहुत ज्यादा बढ़ जा रही है जानकारी के अनुसार किसानों को इस समय महंगी कीमतों में बाजार से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है जिससे किसान काफी परेशान है ऐसे समय में कृषि विभाग को जरूरत के हिसाब से किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए और किसानों को दवाइयों में जो 50 परसेंट की सब्सिडी मिलती थी वह भी मिलनी चाहिए तभी देश का अन्नदाता अन्न उगाने में अपनी रुचि दिखाएगा। यद्यपि बाजार में इन दिनों सब्जियां सभी प्रकार की बहुत आ रही है फिर भी सब्जी विक्रेताओं के अनुसार सब्जी की फसल में भी बीमारी लग रही है जिससे सब्जी उत्पादक भी बहुत परेशान हैं। पिछले कुछ दिनों से मौसम काफी खराब चल रहा है प्रतिदिन बदली की वजह से धान की फसल को जो धूप मिलनी चाहिए नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से कीट प्रकोप का सामना किसानों को करना पड़ रहा है तथा बदली एवं पानी की वजह से ज्यादा बीमारियां हो रही है। कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कृषक रमेश यदु ने कहां के किसानों को कृषि विभाग का पर्याप्त मार्गदर्शन मिलना चाहिए जो वर्तमान में नहीं मिल पा रहा है जिससे किसानों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसके साथ ही दवाई आदि मैं भी जो छूट मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है उसे भी दिया जाना चाहिए। वर्तमान में बाजार से दवाइयों के खरीदी करने के कारण किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है और बहुत ज्यादा खर्च किसानों का हो रहा है कई कई जगह में तो प्रति एकड़ ₹2000 तक का भी खर्च किसानों को करना पड़ रहा है।
धान की फसल में कीट प्रकोप का संक्रमण बढ़ा,किसान चिंतित
