भाटापारा। गणेश चतुर्थी सनातन हिंदु धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, इसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदु पंचांग के अनुसार गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि से चतुर्थदशी तक चलता है। इसके बाद चतुर्थदशी को भगवान गणेश का विसर्जन किया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन गणपति भगवान का जन्म हुआ था। इस दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना के करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कष्टों का निवारण होता है।
श्री गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 10 सितंबर 2021 को शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। श्री भागवत कथावाचक नयापारा वार्ड निवासी पंडित किशोर तिवारी के अनुसार के अनुसार मध्याह्न काल गणेश पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय माना है। इस दौरान विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कष्टों का निवारण होता है। इस दिन पूजा का शुभ मुहुर्त मध्याह्र काल में 11:03 से 13:33 तक है यानि 2 घंटे 30 मिनट तक है। आज बिराजेगे श्री विघ्नहर्ता गणेश जी महाराज
नगर के छोटी-बड़ी पंडालों में श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापना को लेकर सभी लोगों ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली है 10 सितंबर शुक्रवार को गणेश जी महाराज ढोल बाजे नगाड़े के साथ धूमधाम से विधि विधान पूजा अर्चना के साथ पंडालों हुआ घरों में स्थापित होंगे इसके साथ 10 दिवस तक गणपति बप्पा मोरिया के संगीत में गुंज के साथ भाटापारा धर्म नगरी गुंजायमान होंगे
