दुर्ग। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के आह्वान पर यात्री किराया नहीं बढ़ाए जाने से नाराज बस संचालक ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन के साथ बस संचालन बंद कर दिया है। बस ऑपरेटर्स के आंदोलन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से यात्रा करने वालों की परेशानी बढ़ जाएगी। महासंघ के द्वारा 14 जुलाई को खारून नदी के महादेव घाट पर आयोजित बस संचालकों के द्वारा जल समाधि लिए जाने वाले कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। बस चालकों के द्वारा जल समाधि अब 26 जुलाई को ली जाएगी।
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ यात्री किराया बढ़ाए जाने के साथ किराया वृद्धि के लिए स्थायी नीति बनाने, बसों व परमिटों के निष्प्रयोग के लिए 2 माह की समय सीमा खत्म करने के अलावा अन्य मांगों को लेकर पूरे प्रदेशभर में महीनेभर से चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है। इसके तहत सोमवार को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया गया। आंदोलन के बाद भी शासन प्रशासन की ओर से सार्थक पहल नहीं किए जाने से नाराज बस ऑपरेटरों ने देर शाम पूर्व घोषणा अनुसार 13 जुलाई से बसें बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले जाने का ऐलान कर दिया। इस फैसले के समर्थन में जिले के 600 बसों के संचालकों ने भी मंगलवार से बसें नहीं चलाने का ऐलान किया है। फिलहाल करीब 100 बसें अकेले दुर्ग-भिलाई से रायपुर व राजनांदगांव के लिए चल रही है। इस मार्ग पर यात्रियों का सर्वाधिक दबाव होता है। इसके चलते हर 5 से 10 मिनट के अंतराल में बस चलानी पड़ती है। आंदोलन के तहत इन बसों के पहिए थम जाने से इस मार्ग पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करने वालों को सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। आज के इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में बस संचालकों में प्रकाश देश लहरा गुरमीत सिंह संधू अमरजीत चहल, अनूप यादव, लोकेश्वर ठाकुर ,सिकंदर, सुमित ताम्रकार, एजाज कुरैशी शामिल हुए। महा संघ के प्रवक्ता सुरेश सिंह ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेश सरकार के द्वारा 40 फ़ीसदी किराए में बढ़ोतरी नहीं किए जाने के कारण किया जा रहा है 14 जुलाई को खारून नदी के महादेव घाट पर बस संचालकों के द्वारा ली जाने वाली जल समाधि के कार्यक्रम को स्थगित कर अब 26 जुलाई को तय किया गया है।
