0 केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 7 साल में भी हर मोर्चे पर असफल
पाटन। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के द्वारा जो काम किया जा रहा वो बेहतरीन है। इसकी तुलना सात साल की मोदी सरकार से किया जाए तो मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड खराब नजर आता है। एक तरफ पेट्रोल डीजल, गैस के दाम एवं महंगाई बढ रही है, तो दूसरी ओर बेरोजगारी। वही बघेल सरकार को देखे तो कर्जमाफी के बाद दूसरा सबसे बड़ा फैसला फैसला कांग्रेस सरकार ने लिया बस्तर के लोहंडीगुड़ा में टाटा संयंत्र के लिए अधिकृत की गई आदिवासी किसानों की जमीनों की वापसी का। कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में कुल 36 वादे किए थे उसमें से 26 वादों को भूपेश सरकार ने अपने आधे कार्यकाल में पूरा कर लिया है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के इन ढाई सालों में से आधे से अधिक का समय तो कोरोना माहिमारी से निपटने में लग गया उसके बाद भी यह उपलब्धि बहुत बड़ी है। ऐसे दौर में जब देश का किसान अपनी फसल की भरपूर कीमत और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए महीनों से सड़क पर है। छत्तीसगढ़ की सरकार अपने राज्य के किसानों की उपज की खरीदी समर्थन मूल्य में करने के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से जन घोषणा पत्र में किए गए धान की कीमत 2500 रुपए देने के वायदे को निभा रही है। वन क्षेत्रों में काबिज लोगों को को वन अधिकार पट्टा के साथ तेंदूपत्ता श्रमिकों को मानदेय 2500 से बढ़ा कर 4000 रुपए किया जाना या फिर लघु वनोपज की खरीदी का दायरा बढ़ाना यह ऐसे काम है जिसने समाज के अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर को प्रभावित किया है।
श्री साहू ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि- सुराजी ग्राम अभियान के तहत आने वाले नरवा गरवा घुरवा बारी के साथ गोधन न्याय योजना ऐसी योजनाएं हैं जिसमें छत्तीसगढ़ के ग्रामीण आबादी को स्वावलंबी बनाया है। इसके साथ ही मनरेगा से अधिक लोगों को काम उपलब्ध करवाया है। 5 डिसमिल से कम जमीनों की रजिस्ट्रियों को खोलना, 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधे किए जाने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
साथ ही में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल भूपेश सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। राज्य में बंद पड़े सरकारी नौकरी के द्वार युवाओं के लिए खोलना और उनके रोजगार के नए अवसर तलाशना बड़ी चुनौती थी। कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में ठोस प्रयास शुरू किया। स्कूलों में 14580 शिक्षकों की भर्ती पूरी होना महत्वपूर्ण है। कोरोना संक्रमण से निपटने में भी सरकार सफल रही है। 1 दिन में 75000 टेस्टिंग एवं एक दिन में 300000 टीका लगाना एवं अन्य कार्य भूपेश बघेल सरकार की एक विकासवादी चेहरा एवं कर्तव्य निष्ठा को दर्शाती है, जिसकी जितनी सराहना की जाए वह कम ही है।
भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल बेमिसाल: अशोक साहू
