भाटापारा। कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामलों में गिरावट के साथ ही धीरे-धीरे अब बाजार खुलने लगे हैं और थोड़ी बहुत रौनक लौटने लगी है इसके साथ ही जून माह में एवं जुलाई माह में शादी समारोह के बढ़ने की पूरी संभावना है इसलिए लोगों ने प्रशासन सहित प्रदेश सरकार से पूरे प्रदेश में शादी समारोह में विशेष छूट प्रदान करने की मांग की है उनका तर्क है कि शादी समारोह से अनेक लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है सभी लोगों को रोजगार मिल सके इस बात का ध्यान रखते हुए नई गाइडलाइन तत्काल जारी होनी चाहिए ताकि कोरोनावायरस संक्रमण के चलते जिन लोगों का व्यापार व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है उन लोगों को अभी थोड़ा बहुत व्यापार-व्यवसाय का अवसर मिल सके। शादी विवाह समारोह में जैसे बाजे वाले टेंट वाले कैटरर्स वाले घोड़ी बग्गी वाले ,मजदूर वर्ग सहित अन्य लोगों का व्यवसाय इससे जुड़ा हुआ है शादियों के भरे सीजन में लगे लॉकडाउन की वजह से लगातार दूसरे साल भी भारी आर्थिक नुकसान झेलने वाले व्यापारियों को अब जुलाई के बचे शादी के मुहूर्त के लिए नई गाइडलाइन का बेसब्री से इंतजार है। बताया गया है कि जुलाई माह में 18 जुलाई शादी विवाह समारोह में अंतिम मुहूर्त है वैसे अभी जून माह में भी कई मुहूर्त है इसलिए जून माह से ही नई गाइडलाइन जारी हो जानी चाहिए ताकि लोगों को सुविधा हो सके टेंट हाउस के सुरेश किंगरानी ने बताया कि लगातार लॉकडाउन के चलते टेंट वालों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और उनके पास जो स्टाफ रहते हैं उन्हें वेतन देने के लाले पड़े हुए हैं अतः यथाशीघ्र ज्यादा से ज्यादा सुविधा के साथ नई गाइडलाइन जारी होनी चाहिए ताकि शादी विवाह से जुड़े लोगों को रोजगार मिल सके। बाजे वाले में हसन बैग ने कहा कि पिछले साल से अभी तक बाजे वालों का पूरा रोजगार चौपट पड़ा हुआ है इसलिए यथाशीघ्र बाजे वाले को भी अनुमति दिए जाने की जरूरत है। इसी प्रकार शादी विवाह समारोह से जुड़े अन्य व्यवसाय के लोगों की भी मांग है कि अब कोरोना संक्रमण कम हो चुका है तो सरकार को सभी का ख्याल करते हुए इसमें छूट देना चाहिए। लोगों का कहना है कि अन्य जिलों जैसी छूट मिलनी चाहिए। बता दें कि कोरोना संक्रमण की दर काफी कम हो चुकी है और लोग पहले की तुलना में अभी मास्क का उपयोग ज्यादा कर रहे हैं इसलिए ऐसे सभी समारोह को छूट मिलना चाहिए जिससे कई लोगों का रोजगार व्यवसाय जुड़ा हुआ होता है।
कोरोना संक्रमण में गिरावट, धीरे-धीरे खुलने लगे बाज़ार-लौट रही रौनक
