भाटापारा। प्रदेश सरकार के निगम मंडल के सदस्य कम वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सतीश अग्रवाल ने खाद की कीमतों में वृद्धि किए जाने की घोर निंदा करते हुए केंद्र की मोदी सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार का चेहरा आप किसानों के समक्ष भी उजागर हो गया करोना कॉल के दौर में भी मोदी सरकार किसानों को राहत देने के बजाय खाद के दाम में वृद्धि करके आपदा के समय में अवसर तलाश में से नहीं चुकी है जिस देश का किसान कभी माफ नहीं करेगा। सतीश अग्रवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि केंद्र की सरकार ने खाद की कीमतों में अंधाधुंध वृद्धि कर दी है जबकि डीजल के दाम भी लगातार बढ़ ही रहे हैं खाद की कीमत और डीजल की कीमत बढ़ाना सिर्फ किसानों के साथ ही अन्याय नहीं है बल्कि देश के हर एक नागरिक के साथ अन्याय है क्योंकि डीजल की महंगाई एवं खाद की महंगाई से हर वर्ग प्रभावित होगा और इससे देश में महंगाई बढ़ेगी उन्होंने कहा कि मोदी की सरकार में रसायनिक खाद की कीमतों में लगभग 58 फ़ीसदी तक की वृद्धि कर दी गई है जो कि अपने आप में ऐतिहासिक है खरीफ फसल सीजन के ठीक पहले खाद के दामों में वृद्धि होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें अब इस पोस्ट दिखाई देने लग गई है केंद्र में जब मोदी की सरकार आई थी तो उन्होंने किसानों से यह वादा किया था कि वह किसानों की आय दोगुनी करेंगे पर उन्होंने आए तो दोगुनी नहीं की परंतु महंगाई जरूर दोगुनी कर दी है छत्तीसगढ़ सरकार के निगम मंडल के सदस्य सतीश अग्रवाल ने केंद्र की मोदी सरकार से आग्रह किया है कि वह खाद की बढ़ई की कीमतों को तत्काल वापस ले। अग्रवाल ने बताया कि 1150 रुपये की डीएपी अब किसानों को उन्नीस सौ रुपए में मिलेगी वही 1250 रुपये की एनपीके 1747 में, और 850 रुपये का एम ओ पी ₹1000 में मिलेगा। agrawal ने कहा कि सरकार मनमाने ढंग से कृषि नीति में बदलाव कर काले कृषि कानूनों के चलते 5 माह से चल रहे आंदोलन पर यह जख्मों में नमक छिड़कने जैसा है। किसानों के द्वारा किए जा रहे हैं तीनों कृषि काले कानूनों के विरोध को सरकार पूरी तरीके से नजरअंदाज किए हुए हैं जबकि सरकार को तीनों काले कृषि कानूनों को भी तत्काल वापस लेना चाहिए। खाद की कीमत बढ़ाना डीजल की कीमत बढ़ाना यह सब केंद्र की मोदी सरकार का किसान विरोधी चेहरे को उजागर करता है हम मोदी सरकार से मांग करते हैं कि रासायनिक खाद की कीमतों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए यह वृद्धि किसानों के साथ अन्याय है
केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी, खाद की कीमतों में वृद्धि से असली चेहरा उजागर: सतीश
