भाटापारा । नगर एवं आसपास के क्षेत्र में अरुण छाबड़ा (बंटी) का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है, उनके द्बारा स्व. पिता श्री चैतराम छाबड़ा जी स्मृति मे बहुत ही सराहनीय कार्य किया जा रहा है उनका व्यक्तित्व एक सेवा भावी जन सेवक, सभी क्षेत्रों में लोगों के मददगार के रुप मे जाना जाता है, जिनकी संवेदनाओं की सुगंधि विविध क्षेत्रों मे फैली हुई है, पीड़ित या लाचार की सेवा का क्षेत्र हो या वर्तमान में कोविड पाज़ीटिव लोगों की सेवा हो या कोरोना से मृत्यु हो जाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार जिसमे घर के लोग ही शामिल होने में हिचकते हैं और डेडबॉडी को हाथ लगाने से भी परहेज करते हैं उनका पूरी हिम्मत और सेवा भाव के साथ अंतिम संस्कार करवाना हर जगह अभी कुछ वर्षों से उनके द्वारा संचालित एंबुलेंस सेवा एवं मुक्तांजली स्वर्ग रथ से 1200 से अधिक लोगों को मुक्तिधाम पहुचाकर विगत तीन वर्षों से निशुल्क सेवा गहन संवेदना का प्रतिरुप नजर आता है, वहीं समय समय पर उनके द्वारा आयोजित किये जाने वाले प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे आयोजन उनकी संवेदना भरी रचनात्मकता को उल्लेखित कर रहें है,ऐसे कार्य से उन्हें 200 से जयादा उत्कृष्ट सम्मान पा चुके अरुण छाबड़ा (बंटी) जैसे महान व्यक्तित्व के योगदान को हृदय से प्रशंसा करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना भाटापारा शहर एवं क्षेत्र करता है।
उनका ऐसी भीषण महामारी के क्रूर काल मे लोगों की सेवा और कोविड से मृत लोगों का भयमुक्त होकर सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करवाने के लिए उनके योगदान को नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग आजीवन अपने स्मृतिपटल पर रखेंगे।
अरुण छाबड़ा की जनसेवा बनी मिसाल, कोरोना काल में भी पीडितों की सेवा में जुटे
