शिवनाथ नदी में 10 दिन का पानी शेष, तालाबों में जलस्तर बढ़ाने तांदुला बांध से छोड़ा पानी : वोरा

दुर्ग। भीषम गर्मी में दुर्ग निगम के अंतर्गत तालाबों का जलस्तर निरंतर कम होने के कारण वार्डो में आमजनता के समक्ष निस्तारी एवं बोर सूखने की समस्या उत्पन्न होना प्रारंभ हो गई। जबकि शहर की आदि आबादी तालाबों पर निर्भर है। वर्तमान में प्रतिदिन वॉटर लेबल डाउन होता जा रहा था। जिसमें शक्तिनगर, बोरसी, पोटिया, दीपक नगर, कातुलबोर्ड तालाब प्रमुख है। तालाब सूखने की शिकायत शहर विधायक अरुण वोरा को निरंतर मिल रही थी। उन्होने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तांदुला से पानी छोडऩे के लिए कहा। जिस कारण 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक पानी छोडऩे का निर्णय सिंचाई विभाग ने लिया। अब शहर के तालाबों में पानी पहुंचने लगा। विधायक वोरा ने पानी की बर्बादी को रोकने के लिए लिकेंज नहर की मरम्मत व संक्रामक बीमारी ना हो इसके लिए नगर निगम को विलंब से नहर नाली की सफाई करने के कारण फटकार लगाई कर शीघ्र ही नहरो एवं तालाबों की सफाई एवं मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने कहा। सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.के. पाण्डेय से निगम के द्वारा शिवनाथ नदी में पेयजल हेतु डिमाण्ड ना मिलने पर भी खरखरा बांध से पानी तीन दिनों में नदी के इंटकवेल के पास पहुंचेगा। वर्तमान में शहर की जनता की जलापूर्ति के लिए दस दिन का पानी शेष है। कोरोना काल में जनमानस को पानी का संकट निर्मित ना हो इसका ध्यान प्रशासन रखे। शहर के तालपुरी, बोरसी, पोटिया, दीपक नगर, कैलाश नगर, शक्तिनगर, कातुलबोर्ड के तालाबों के निरीक्षण में पार्षद ज्ञानदास बंजारे, पूर्व पार्षद राजेश शर्मा, नंदू महोबिया पहुंचे थे।

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