केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार, देश-प्रदेश में कोरोना की गंभीर स्थिति के लिये मोदी सरकार पूर्णतया जिम्मेदार : राजेश

पाटन। कोरोना जैसी महामारी के शिकार लोगों को हो रही दवाई, बिस्तर और आक्सीजन की कमी के लिये केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार पूर्ण रूपेण जिम्मेदार है। मोदी सरकार के द्वारा नोट बंदी,जी एस टी, किसानों के लिये लाये काले कानून जैसे तुगलकी फैसलों की तरह कोविड़-19 के नियंत्रण में सरकार ने लगातार गलत फैसले लिये गये। जिसका परिणाम आज प्रदेश सहित पूरे देश की जनता भुगत रही है। यह बातें पाटन विधानसभा के जामगांव- आर के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कही है।
उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिये प्रदेश में लॉक डाउन करना, सेनेटाइजर की व्यवस्था, माक्स की अनिवार्यता, दो गज की दूरी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय कर जनता को इस महामारी से बचा कर रखा। केंद्र की मोदी सरकार ने इसकी तारीफ भी की और राज्य सरकार से कोविड़-19 से बचाव के फार्मूलों की जानकारी भी ली किन्तु उस पर गंभीरता पूर्वक अमल नही किया गया।
आज भी राज्य की भूपेश सरकार इस संक्रमण काल में महामारी से बचाव हेतु लगातार जनता को जागरूक करने में तन मन धन से लगी हुई है। इसके साथ ही सरकार ने सभी नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कोरेन्टीन सेंटर सहित कोविड़-19 अस्पताल का निर्माण कर जनता की भलाई करने में लगी हुई है। श्री ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में कोरोना महामारी की रोकथाम में सहयोग करने के लिये जिला और ब्लॉक स्तर पर कोरोना कंट्रोल रूम गठित कर कोविड़ पीड़ितों को चिकित्सा देने के साथ अस्पताल लाने और ले जाने, टेस्टिंग कराने, टीकाकरण करवाने, बेड और आक्सीजन की व्ययस्था सहित जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने कांग्रेस के कार्यकर्ता जी जान से लगे हुए हैं।ऐसे संक्रमण काल के समय बीजेपी के द्वारा राज्य सरकार पर मिथ्या आरोप लगाना उनकी द्वेषपूर्ण व दोहरी मानसिकता को प्रदर्षित करती है। आज केंद्र सरकार के अति विश्वास और अदूरदर्शी निर्णय के चलते देश और प्रदेश की जनता को कोरोना महामारी के मामले में दूसरी बार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार के द्वारा लगातार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभावपूर्ण की नीति अपनाई जा रही है। आज प्रदेश की इस गंभीर स्थिति के लिये केंद्र की मोदी सरकार ही जिम्मेदार है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री ठाकुर ने आगे कहा कि केंद्र सरकार यदि अपना टीका और वैक्सीन अन्य देशों को देने की अपेक्षा राज्यों को दिया होता तो आज कोरोना संक्रमण पूरी तरह समापन की ओर अग्रसर होता। कांग्रेस के नेताओं द्वारा लगातार मांग करने पर अब जाकर 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को टीकाकरण की अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे महामारी के समय भी भूपेश सरकार ने गरीबो और मज़दूरो को जीवन निर्वाह करने रोजगार गारंटी के तहत कार्य प्रदान किया। किसानों को धान का बोनस दिया, रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड से लेकर एयरपोर्ट तक सभी जगह आने और जाने वालों का कोरोना टेस्ट कराने की व्यवस्था करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में प्रशासन तंत्र लगा हुआ है। ऐसे नाजुक संक्रमण काल के समय बीजेपी नेताओं को अनर्गल, मिथ्या आरोप न लगाकर जनता जनार्दन की सेवा और सहयोग करने में राज्य सरकार का साथ देना चाहिये और अपने जनप्रतिनिधि होने का दायित्व निभाना चाहिये।
पूर्व में जब इस महामारी का जन्म हुआ था उस समय देश के प्रधानमंत्री ने जनता जनार्दन से थाली और ताली बजवाकर, शंख और घंटी बजवाकर, दीपक और मोमबत्ती जलवाकर कोरोना को भगाने की अपील की गई थी। उंसके स्थान पर यदि दवाइयों, अस्पतालों और वैक्सीन के निर्माण पर गंभीरता पूर्वक धयान दिया जाता तो आज देश और प्रदेश से कोविड़-19 का विनाश निश्चिय हो जाता और इस महामारी से जनता को राहत मिल जाती। यह महामारी इस कदर नही फैलती। श्री ठाकुर ने कहा कि इस कोरोना संक्रमण काल के समय मे बीजेपी, राज्य सरकार पर आरोप लगाने से बचें और सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर क्षेत्र की जनता को इस महामारी से बचाने के लिए आगे आकर सड़कों पर जन सेवा करें।

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