बेमेतरा। रतन मुनि प्रवर्तक लोकमान्य संत श्री रतन मुनी महाराज की 86 वा जन्म जयंती महोत्सव रामनवमी पर सादगी के साथ जैन श्री संघ बेमेतरा परिवार के घरों में मनाई गई।
जैन श्री संघ बेमेतरा के आह्वान पर एक समय 1 घंटे का नवकार महामंत्र का जाप एवं गाय को रोटी खिलाने का कार्य जैन श्री संघ परिवार के सदस्यों ने अपने अपने घरों में किया ।
13 वर्ष की उम्र में रतन मुनी महाराज ने अपने गुरु मंगल चंद महाराज से दीक्षा ग्रहण की तब से लेकर आज तक संयमी जीवन को अंगीकार कर जिनशासन की प्रभावना करते हुए जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
उन्हें विभिन्न संघों ने वाणी भूषण तप आराधक श्रमण संघीय सलाहकार परम स्थिरवर साधुता के स्वामी लोकमान्य संत जैसी उपाधियों से नवाजा गया है उनके अभिन्न शिष्य सतीश मुनि शुक्र मुनि रमन मुनि एवं आदित्य मुनि उनकी सेवा में अपना जीवन अर्पण कर रहे हैं।
गुरुदेव रतन मुनी महाराज ने अपने संदेश में वर्तमान समय पर धैर्य और संयम से जीवन यापन करने का समय बताया है। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार ने जो दिशा निर्देश आम जनों को दिए हैं उन निर्देशों का पालन कड़ाई से करते हुए कोरोना के संक्रमण से बचते हुए एकांत ध्यान साधना में जुड़े रहने और अधिक से अधिक धार्मिक सेवा भक्ति करने का आह्वान किया है।
वर्तमान में गुरुदेव रतन मुनी महाराज आदि ठाना 5 – दुर्ग में विराजित है।
संयम व धैर्य से जीवन यापन करें – रतन मुनि
