टीकाकरण के कारण बुजुर्गों में कोविड-19 का असर कम
दुर्ग 19 अप्रैल। रविवार को कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। इस दिन 1282 मरीज पाजिटिव आए। पाजिटिव मरीजों के आँकड़ों पर नजर डालें तो इनमें 20 से 40 वर्ष की आबादी का प्रतिशत 44 है। इस आयु वर्ग के 562 मरीज चिन्हांकित किये गये हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के केवल 112 मामले सामने आए हैं यह कुल मामलों का लगभग 8 फीसदी है। इस वर्ग की आबादी जिले में लगभग 10 फीसदी है। यह वही आबादी है जिसकी प्रतिरोधक क्षमता सबसे कम होती है और कोमार्बिडी सबसे अधिक। इनमें से अधिकांश बुजुर्गों को प्रथम चरण का टीका लग चुका है और कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें दूसरे चरण का टीका भी लग गया है। बच्चों के केस पर नजर डालें तो दस वर्ष तक के 41 बच्चे कल की रिपोर्ट में संक्रमित आये हैं। प्राय: देखा गया है कि कोविड का गंभीर संक्रमण छोटे बच्चों पर नहीं होता लेकिन बच्चे सुपर स्प्रेडर होते हैं अर्थात वे इस बीमारी का संक्रमण फैलाने के बड़े कारक बन सकते हैं। इनकी वजह से परिवार के कम प्रतिरोधक क्षमता वाले और बुजुर्ग लोग भी कोविड संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। परिजनों को चाहिए कि बच्चों को घर पर ही रखें। इसी तरह से युवा वर्ग को भी बेहद एहतियात रखने की जरूरत है। जिले में संक्रमण की दर घटी है। नागरिकों के संयम से और लाकडाउन के पूरी तरह पालन से कोरोना संक्रमण की रोकथाम की दिशा में मदद मिलेगी। अतएव पूरी सावधानी जरूरी है। मास्क का प्रयोग और हाथ साबुन से समय-समय पर धोते रहना जरूरी है। छह फीट की दूरी का पूरी तरह पालन करना जरूरी है। कोरोना के लक्षण महसूस करते हों या कोरोना पाजिटिव मरीज के निकट संपर्क में आये हैं तो टेस्ट तुरंत कराना चाहिए।
कोरोना संक्रमित होने वालों में 40 फीसदी आबादी बीस से चालीस वर्ष की आयु के युवा
