बिलासपुर। छग हाईकोर्ट में निजी स्कूलों में फीस को लेकर दायर की गई रिट अपील और पीआईएल को मुख्य न्यायाधीश रामचंद्र मेनन और जस्टिस पीपी साहू की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है। इससे साफ हो गया है कि पालको को ट्यूशन फीस जमा करना होगा।
हाईकोर्ट में प्राइवेट स्कूलों द्वारा लिए जाने वाले ट्यूशन फीस को लेकर अलग-अलग 10 रिट अपील दायर की गई थी. इसके अलावा दुर्ग पालक संघ की ओर एक पीआईएल लगाई गई थी। पूर्व में सुरक्षित रखे फैसले पर आज डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए सभी अपीलों को खारिज कर दिया ।
हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी ट्यूशन फीस लेने का आदेश दिया है। इसलिए सिंगल बेंच के पूर्व के फैसले पर हस्तक्षेप उचित नही होगा।
ज्ञातव्य है कि जस्टिस पी सैम कोसी की सिंगल बेंच ने प्राइवेट स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने के लिए आदेश जारी किया था, जिसको लेकर पालक संघ की तरफ से अलग-अलग 10 रिट अपील और एक पीआईएल लगाई गई थी।
इस मामले में छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन और बिलासपुर स्कूल एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने पैरवी की।
