मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य स्वर्गीय हीरासिंह मरकाम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्री हीरासिंह मरकाम छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी नेता थे। उन्होंने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्थापना की और पूरा जीवन आदिवासियों से जुड़े मुद्दों के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरासिंह मरकाम स्पष्टवादी और सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाले नेता थे। उन्होंने बहुत कम साधनों से पूरे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रभाव फैलाया। उनका पूरा जीवन आदिवासियों के लिए समर्पित रहा। उनका निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। श्री बघेल ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व सदस्य श्पूरन लाल जांगड़े को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री जांगड़े मालखरौदा क्षेत्र से विधायक रहे। उन्होंने समाज के शोषित, पीडित और सर्वहारा वर्ग के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय लाल महेन्द्र सिंह टेकाम वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ विधानसभा में डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वे सरल, सहज और मिलनसार व्यक्ति थे। वे क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहे। श्री बघेल ने स्वर्गीय श्री घनाराम साहू को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे गुण्डरदेही क्षेत्र से पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुने गए। वे तीन बार विधायक रहे। सहज, सरल स्वाभाव के स्वर्गीय घनाराम साहू ने संगठन में भी विभिन्न पदों पर कार्य किया। सभी दलों के लोगों से उनके निकट संबंध रहे। उन्होंने आजीवन समाज और क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किया। मुख्यमंत्री ने सभी दिवंगतों के शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधानसभा के सदस्य धरमजीत सिंह, मोहन मरकाम, केशव चंद्रा, धनेन्द्र साहू और डॉ. रमन सिंह ने भी दिवंगतों को सदन में श्रद्धांजलि दी।