राहुल के विरोध की हिमाकत नहीं कर पाए चिट्ठी बम फोड़ने वाले नेता

0 बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, मुख्यमंत्री गहलोत समेत 19 नेताओं ने भाग लिया

0 आलोक सारस्वत

नई दिल्ली। लंबे अर्सो बाद कांग्रेस में राहुल गांधी का विरोध करने वाले नेता और समर्थन करने वाले एक मंच पर बैठे। कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी द्वारा बुलाई इस बैठक में राहुल गांधी के सामने उनके विरोधी गुट भी विरोध का सुर न दे पाए। सभी पार्टी की मजबूती की बात कर अपने-अपने बातों की इतिश्री कर ली। इन बातों से एक बात जरूर सामने निकलकर आयी कि कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी को विराजमान करने के लिए चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर से पहले कांग्रेस की आज जैसी एक-दो और बैठकें हो सकती है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, ,हरीश रावत,गुलाम नबी आजाद, मनीष तिवारी, अंबिका सोनी, विवेक तन्खा समेत 19 नेताओं ने भाग लिया।
कांग्रेस की आज हुई मैराथन बैठक तकरीबन पांच घंटे चली। इसमें कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मंथन हुआ। सभी नेताओं ने अपने मंतव्य में कांग्रेस को एक परिवार की तरह मजबूत करने की बात कही। सूत्रों का कहना है कि आज की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि पार्टी दफ्तर में संगठन पदाधिकारियों को लगातार बैठना चाहिए। संगठन पदाधिकारी को पार्टी दफ्तर में आने वाले लोगों से मिलने जुलने का कार्यक्रम निर्बाध होना चाहिए। इन लोगों की बातें सुन उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए काम करना चाहिए। वहीं इस बैठक के बाद जी 23 के नाम से चर्चित नेताओं में से एक पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सभी नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी। इन बातों में इस बात पर सहमति बनी कि पचमढ़ी या शिमला जैसे चिंतन शिविर का आयोजन किया जाना चाहिए। ताकि आगे का रास्ता तय हो सके। साथ ही इस बैठक में यह भी बात उभर कर आयी कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक लगातार होते रहनी चाहिए। हाल ही में जिन नेताओं ने कांग्रेस संगठन की मजबूती के लिए जो भी मुद्दे उठाए हैं, उन पर मंथन होना चाहिए। कांग्रेस को मजबूत करने की कवायद में यह पहली बैठक है। ऐसी एक दो और बैठकें होनी है। जबकि दूसरी ओर गांधी परिवार के समर्थन करने वाले नेताओं में शुमार पवन बंसल ने इस बैठक के बाद कहा कि अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के नाम पर सभी की सहमति है। बंसल ने यह भी बताया कि इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसका वह निर्वांहन करेंगे। वहीं कांग्रेस आलाकमान ने इस बैठक में कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

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