“राखी का रिश्ता, भरोसे का साथ-विष्णु भैया संग विकास की बात”
*कम लागत में राखियां बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं बिहान की महिलाएं* *घरेलू और स्थानीय संसाधनों का रचनात्मक उपयोग, सीजनल गतिविधियों से बढ़ा...
*कम लागत में राखियां बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं बिहान की महिलाएं* *घरेलू और स्थानीय संसाधनों का रचनात्मक उपयोग, सीजनल गतिविधियों से बढ़ा...